दिल्ली में CJP के तिरंगा मार्च के दौरान CRPF महिला जवान से बदसलूकी का आरोप, थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के दौरान सुरक्षाबलों के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो जारी किया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने ड्यूटी पर तैनात CRPF की एक महिला जवान के साथ अभद्र व्यवहार किया और उसे थप्पड़ मारा। घटना के बाद प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 6 के पास एक महिला ने कथित तौर पर खुद को यूट्यूबर बताते हुए CRPF जवान के साथ बदसलूकी की। हालांकि, उपलब्ध खबर में महिला की पहचान और पुलिस की जांच के अंतिम नतीजे की जानकारी नहीं दी गई है।
क्या है ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का पूरा मामला?
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पार्टी के सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का आह्वान किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर प्रवेश करने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया था।
इस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में पहले से ही राजनीतिक तनाव बना हुआ था। CJP और विपक्षी दलों की ओर से SIR प्रक्रिया वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
मार्च से पहले पुलिस की कार्रवाई
प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और AISA प्रमुख नेहा बोरा को हिरासत में लिया था। पुलिस का दावा है कि अभिजीत दीपके को सेंट्रल पार्क नहीं जाने के संबंध में दो नोटिस दिए गए थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उन्होंने 50 हजार रुपये का शांति बनाए रखने संबंधी बॉन्ड भरा था और पुलिस के अनुसार, उसका उल्लंघन हुआ।
हालांकि, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के विरोध के बीच पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ऐसे में घटना से जुड़े आरोपों और कार्रवाई की पुष्टि जांच तथा आधिकारिक जानकारी के आधार पर की जानी जरूरी है।
पुलिस ने जारी किया वीडियो, जांच की बात
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी किए गए वीडियो को लेकर दावा किया गया है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग मोबाइल कैमरे और माइक लेकर सुरक्षाकर्मियों के पास पहुंचे और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसी दौरान CRPF की महिला जवान के साथ कथित तौर पर मारपीट और बदसलूकी हुई।
पुलिस अब घटना से संबंधित अलग-अलग कैमरों के फुटेज की जांच कर रही है, ताकि इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा सके। रिपोर्ट में संभावित आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा; मामले में जांच और संबंधित पक्षों का बयान महत्वपूर्ण रहेगा।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन पर उठे सवाल
कनॉट प्लेस और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के आसपास हुए इस घटनाक्रम ने सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। एक ओर पुलिस सुरक्षाकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को गंभीर मामला बता रही है, वहीं प्रदर्शन से जुड़े विवाद का राजनीतिक संदर्भ भी चर्चा में है।
सार्वजनिक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सुरक्षाकर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। साथ ही, किसी घटना में शामिल लोगों की पहचान और जिम्मेदारी तय करने के लिए निष्पक्ष जांच भी जरूरी है।
अब आगे क्या?
फिलहाल इस मामले में पुलिस द्वारा जारी वीडियो और कथित घटना की जांच अहम मानी जा रही है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि महिला जवान के साथ हुई घटना में कौन-कौन शामिल था और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। मामले में पुलिस का विस्तृत आधिकारिक बयान और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
अवतार न्यूज़ की अपील: वायरल वीडियो या अधूरी जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी न मानें। मामले से जुड़ी पुष्टि की गई जानकारी और आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें।
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