तिरंगा यात्रा निकालकर ‘आप’ ने मोदी सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन, केजरीवाल बोले- क्या तिरंगा लहराना जुर्म है?
दिल्ली में आम आदमी पार्टी की तिरंगा यात्रा के दौरान अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या तिरंगा लहराना जुर्म है? पार्टी नेताओं ने अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी और पुलिस प्रतिबंधों का विरोध किया।

दिल्ली में तिरंगा मार्च के दौरान अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी और पुलिस प्रतिबंधों का विरोध; सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह और गोपाल राय ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) ने जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने वाले युवाओं के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को दिल्ली में तिरंगा यात्रा निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर मार्च निकाला और नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा तिरंगा फहराने के अधिकार को लेकर सवाल उठाए।
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय से ली मेरिडियन तक पैदल मार्च किया। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि तिरंगा यात्रा की अनुमति देने में बाधाएं खड़ी की गईं और पुलिस की पाबंदियों के जरिए प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने की कोशिश की गई।
केजरीवाल का सवाल—अपने देश में तिरंगा नहीं लहराएंगे तो कहां लहराएंगे?
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या तिरंगा लहराना कोई अपराध है? केजरीवाल ने कहा कि अपने देश में तिरंगा नहीं लहराएंगे तो क्या पाकिस्तान में लहराएंगे?
उन्होंने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी सरकार की कथित तानाशाही को दर्शाती है। केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं से डरते हैं। हालांकि, ये आरोप आम आदमी पार्टी के नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
संजय सिंह बोले—तिरंगा फहराना और भारत माता की जय बोलना अपराध नहीं
आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रदर्शन के दौरान भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में तिरंगा फहराने और भारत माता की जय बोलने को लेकर लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।
संजय सिंह ने कहा कि इससे पहले आशुतोष रांका और सौरभ दास को हिरासत में लेकर जेल भेजे जाने के बाद अब अभिजीत दीपके को भी हिरासत में लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती की गई और उनकी आवाज दबाने का प्रयास हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की कार्रवाई से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि तिरंगा यात्रा के दौरान राष्ट्रपति भवन और संसद भवन के आसपास के इलाकों में भी कार्यकर्ताओं को रोका गया।
‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे के साथ आंदोलन जारी रखने का ऐलान
प्रदर्शन के दौरान संजय सिंह ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई जन्मदिन या किटी पार्टी नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन के उद्देश्य से चलाया जा रहा आंदोलन है।
संजय सिंह ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का नारा दोहराते हुए कहा कि रोजगार और रोजी-रोटी की मांग करने वाले लोगों को बांग्लादेशी या पाकिस्तानी बताना उचित नहीं है। उन्होंने कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की बात कही।
सौरभ भारद्वाज ने पुलिस प्रतिबंधों पर उठाए सवाल
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने धारा 163 लागू किए जाने और पुलिस की पाबंदियों को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को बाहर निकलने और अपनी बात रखने से रोका जा रहा है।
भारद्वाज ने कहा कि संविधान नागरिकों को देश में स्वतंत्र रूप से घूमने और अपनी बात रखने का अधिकार देता है। अभिजीत दीपके की हिरासत का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि तिरंगा फहराने की बात करने वाले एक युवा को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
उन्होंने सरकार की कथित दोहरी नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से युवाओं में नाराजगी बढ़ सकती है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा
आप के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने कहा कि तिरंगा फहराने और लोकतंत्र की रक्षा से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते और एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) रद्द नहीं होता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
गोपाल राय ने अभिजीत दीपके और इससे पहले हिरासत में लिए गए लोगों का उल्लेख करते हुए सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, दो अक्टूबर से शुरू हुआ आंदोलन लगातार जारी है और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद पार्टी पीछे हटने को तैयार नहीं है।
अब आगे क्या?
दिल्ली में तिरंगा यात्रा के जरिए आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय ध्वज, नागरिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। एक ओर पार्टी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई और प्रतिबंधों पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर इन आरोपों और संबंधित कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
अब इस मामले में अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी की परिस्थितियों, पुलिस की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों और एसआईआर को लेकर उठे विवाद पर आगे की घटनाओं पर नजर रहेगी।
नोट: इस रिपोर्ट में गिरफ्तारी, पुलिस कार्रवाई और सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संबंधित राजनीतिक नेताओं के बयानों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
स्रोत: वनइंडिया की प्रकाशित रिपोर्ट।
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