जानकारी के अनुसार, आग की चपेट में मोहम्मद मनोरुद्दीन, पिता हदीस, गुलजार, पिता मनोरुद्दीन, मो. मुजाहिद, पिता मनोरुद्दीन, इस्माइल, पिता मनोरुद्दीन और सद्दाम, पिता मनीरुद्दीन से जुड़ी दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय स्तर पर करीब 15 से 20 लाख रुपये के सामान के जलकर नष्ट होने का अनुमान बताया जा रहा है।
बताया गया कि प्रभावित दुकानों में किराना और मनिहारा समेत अन्य सामान की दुकानें शामिल थीं। दुर्गा पूजा को लेकर मनिहारा दुकान में बड़ी मात्रा में सामान बिक्री के लिए रखा गया था। त्योहार के दौरान अच्छी बिक्री की उम्मीद में दुकानदारों ने पहले से ही सामान का स्टॉक कर रखा था। वहीं किराना दुकान में भी रोजमर्रा की बिक्री के लिए पर्याप्त मात्रा में सामान मौजूद था।
आग लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग तत्काल आग बुझाने के लिए जुट गए। लोगों ने काफी प्रयास कर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दुकानों में रखा अधिकांश सामान जल चुका था। आग बुझने के बाद दुकानों के अंदर जला हुआ सामान और राख का ढेर नजर आया।
इस घटना से प्रभावित दुकानदारों के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वर्षों की मेहनत और कारोबार के लिए जुटाया गया सामान एक ही घटना में नष्ट हो गया। खासकर त्योहार के समय बिक्री बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे दुकानदारों को इस अगलगी से बड़ा आर्थिक झटका लगा है।
पीड़ित दुकानदारों ने प्रशासन से घटना का संज्ञान लेते हुए नुकसान का आकलन कराने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता मिलने पर ही वे दोबारा अपनी दुकानें शुरू कर कारोबार को पटरी पर ला सकेंगे।
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना में हुए नुकसान का वास्तविक आकलन प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से पीड़ित दुकानदारों को जल्द राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
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