उड़ी में भारी बारिश से भूस्खलन, NH अवरुद्ध; 40-50 गांवों में बिजली गुल

उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सीमांत सब-डिवीजन उड़ी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच राजेरवानी क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा आ जाने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
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जानकारी के अनुसार, एनएचपीसी उड़ी-I के पास एडीआईटी-4 के समीप पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा। प्रभावित क्षेत्र में लगातार पत्थरों के गिरने के कारण स्थिति जोखिमपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए मार्ग को लेकर एडवाइजरी जारी की है और लोगों से फिलहाल इस रास्ते पर यात्रा नहीं करने की अपील की है।
यात्रियों और वाहन चालकों को गिंगल–दावरान–परमपिला–बांडी–उड़ी वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, रात का समय, खराब मौसम और लगातार हो रहे पत्थरों के गिरने के कारण सड़क से मलबा हटाने का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
भूस्खलन का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। मुख्य 33 केवी विद्युत ट्रांसमिशन लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण क्षेत्र के करीब 40 से 50 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है और कई इलाकों में शाम से ही ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है।
बिजली विकास विभाग (पीडीडी) के एक अधिकारी के अनुसार, लगातार खराब मौसम और पत्थरों के गिरने के कारण मरम्मत कर्मियों के लिए प्रभावित स्थान तक पहुंचना फिलहाल जोखिम भरा है। बांडी और सलामाबाद फीडर भी मौसम साफ होने तथा प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किए जाने तक प्रभावित रह सकते हैं। स्थिति सामान्य होते ही बिजली बहाली का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर यह भी बताया गया है कि सड़क चौड़ीकरण कार्य के चलते एनएस ब्रिज और आसपास के इलाकों में मिट्टी के गीले होने तथा फिसलन बढ़ने से भूस्खलन का खतरा और बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सड़क एवं बिजली संपर्क को जल्द बहाल करने की मांग की है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि जब तक प्रभावित सड़क को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक अनावश्यक यात्रा से बचें और निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का ही इस्तेमाल करें।
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