Saturday, 17 October 2026
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बिहार में खुलेंगे 100 फ्रेश कैच कियोस्क, सुधा की तर्ज पर बिकेंगी ताजी मछलियां; सरकार देगी 80% तक सहायता

बिहार सरकार राज्य में मछली की बिक्री व्यवस्था को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए 100 फ्रेश कैच कियोस्क स्थापित करने जा रही है। योजना के तहत एक कियोस्क की निर्धारित इकाई लागत 11 लाख रुपये है, जिस पर सरकार 80 प्रतिशत तक सहायता देगी।

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अवतार न्यूज़ संवाददाता

 ​बिहार में मछली की बिक्री व्यवस्था को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सुधा की तर्ज पर राज्य के 13 प्रमुख शहरों में कुल 100 फ्रेश कैच कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर उपभोक्ताओं को स्वच्छ वातावरण में ताजी मछलियां उपलब्ध कराने के साथ-साथ मछली पालकों और मत्स्य सहकारी समितियों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

योजना के पहले चरण में 30 फ्रेश कैच कियोस्क तैयार किए जा रहे हैं, जिनका जल्द शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में 70 और कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। यह योजना सात निश्चय-3 के तहत प्रस्तावित है। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अंतर्गत मत्स्य निदेशालय और बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BAIDCL) के माध्यम से निभाई जाएगी।

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पहले चरण में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, बेगूसराय, मोतिहारी, बेतिया, हाजीपुर, किशनगंज, कटिहार और मुंगेर जैसे प्रमुख शहरों में इन कियोस्क की स्थापना की जा रही है। इसके लिए सरकारी भूमि, नगर निकायों की जमीन या जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई भूमि का उपयोग किया जाएगा।

कोल्ड चेन और डीप फ्रीजर जैसी सुविधाएं होंगी उपलब्ध

फ्रेश कैच कियोस्क को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां मछलियों के सुरक्षित भंडारण और बिक्री के लिए कोल्ड चेन, डीप फ्रीजर और डिस्प्ले काउंटर की व्यवस्था होगी। इसके अलावा स्वच्छ जल, जल निकासी, बिजली, बैकअप, डिजिटल भुगतान और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

सरकार का मानना है कि इन व्यवस्थाओं से मछलियों की गुणवत्ता और ताजगी बनाए रखने के साथ बिक्री केंद्रों पर स्वच्छता भी सुनिश्चित की जा सकेगी। फिलहाल कई शहरी क्षेत्रों में मछली की बिक्री पारंपरिक और असंगठित तरीके से होती है, जिससे भंडारण और स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियां सामने आती हैं।

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एक कियोस्क की लागत 11 लाख रुपये, सरकार देगी 80% तक सहायता

योजना के तहत एक फ्रेश कैच कियोस्क की निर्धारित इकाई लागत 11 लाख रुपये रखी गई है। संभावित मूल्य वृद्धि को ध्यान में रखते हुए इसकी अधिकतम लागत 13.20 लाख रुपये तक आंकी गई है।

सरकार निर्धारित इकाई लागत के 80 प्रतिशत या वास्तविक निर्माण लागत में से जो भी राशि कम होगी, उसका वहन करेगी। कियोस्क निर्माण के लिए एजेंसी या संवेदक का चयन निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, जबकि संचालन के लिए निर्धारित नियम और शर्तों के अनुसार संचालकों का चयन होगा।

कियोस्क के नियमित संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित संचालकों की होगी।

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मछली पालकों को मिलेगा बेहतर बाजार

इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य स्थानीय मत्स्य पालकों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर और व्यवस्थित बाजार उपलब्ध कराना है। इसके लिए मत्स्य निदेशालय और BAIDCL के माध्यम से मछलियों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आपूर्ति श्रृंखला विकसित की जाएगी।

मछली किसान उत्पादक संगठनों (FFPOs) और मत्स्य सहकारी समितियों को भी अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का बेहतर अवसर मिलेगा। कियोस्क के संचालन और उससे जुड़ी आपूर्ति व्यवस्था के कारण स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की भी उम्मीद है।

बिहार सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल मछली की बिक्री को आधुनिक बनाना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को स्वच्छ वातावरण में गुणवत्तापूर्ण और ताजी मछली उपलब्ध कराना तथा मत्स्य क्षेत्र से जुड़े लोगों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना भी है।

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