अंकिता भंडारी के माता-पिता का धरना, दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने पर पवन खेड़ा ने उठाए सवाल

नई दिल्ली। अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में धरना दिया। इस दौरान कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए नियुक्ति को लेकर कई गंभीर प्रश्न उठाए।
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पवन खेड़ा ने कहा कि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने से उन्हें संवैधानिक पद की इम्युनिटी मिल गई है। उन्होंने सवाल किया कि जब मामले से जुड़े आरोपों को लेकर जांच का इंतजार किया जा सकता था, तो इतनी जल्दबाजी में नियुक्ति करने की क्या जरूरत थी। उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर किसे बचाने की कोशिश की जा रही है और क्या इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति को भी संरक्षण दिया जा रहा है।
दरअसल, सोमवार, 12 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दुष्यंत गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद अंकिता भंडारी के माता-पिता ने इस नियुक्ति का विरोध किया और धरने पर बैठ गए।
अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल जिले के गंगा-भोगपुर क्षेत्र स्थित वनंतरा टूरिस्ट रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। वर्ष 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। मामले में सामने आए आरोपों के मुताबिक, हत्या से पहले उनके साथ बलात्कार किया गया था।
अंकिता भंडारी मामले के दौरान दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी आरोपों के संदर्भ में सामने आया था। हालांकि, गौतम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने इस संबंध में देहरादून के डालनवाला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
दर्ज शिकायत के अनुसार, गौतम ने आरोप लगाया था कि हरिद्वार के ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर समेत अन्य अज्ञात लोगों ने उनके खिलाफ सुनियोजित आपराधिक साजिश रची थी।
राज्यपाल नियुक्ति के बाद अब अंकिता भंडारी के माता-पिता के विरोध और पवन खेड़ा के बयानों ने इस मामले को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, लगाए गए आरोपों और राजनीतिक दावों को संबंधित जांच एवं आधिकारिक रिकॉर्ड के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
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