Tuesday, 20 October 2026
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खनिज विधेयक के विरोध में बसंतराय में झामुमो का धरना, नहीं मानी मांग तो संसद घेराव की चेतावनी

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अवतार न्यूज़ संवाददाता

MMDR Amendment Bill 2026 के विरोध में बसंतराय में झामुमो का धरना, केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

बसंतराय प्रखंड कार्यालय के सामने खनिज विधेयक के विरोध में आयोजित झामुमो के धरना-प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ता।

बसंतराय संवाददाता। Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Bill, 2026 यानी MMDR Amendment Bill 2026 को लेकर झारखंड में राजनीतिक विरोध तेज होता नजर आ रहा है। इसी क्रम में शनिवार को गोड्डा जिले के बसंतराय प्रखंड कार्यालय के सामने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ताओं, समर्थकों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया।

धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष सुल्तान अहमद, केंद्रीय समिति सदस्य इरफान अहमद और पूर्व विधायक ताला मरांडी की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए MMDR Amendment Bill 2026 को वापस लेने की मांग उठाई।

झामुमो नेताओं ने आरोप लगाया कि नया खनिज कानून झारखंड के हितों और राज्य के खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। नेताओं का कहना था कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां के प्राकृतिक संसाधनों का लाभ राज्य की जनता और राज्य के विकास को मिलना चाहिए।

झामुमो ने बिल को बताया झारखंड के हितों के खिलाफ

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धरना-प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं ने MMDR Amendment Bill 2026 का विरोध करते हुए इसे झारखंड के हित में नहीं बताया। नेताओं ने केंद्र सरकार से इस कानून पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की।

झामुमो नेताओं का कहना था कि झारखंड की जमीन और यहां के खनिज संसाधनों से राज्य की अर्थव्यवस्था और लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि खनिज संसाधनों से होने वाले राजस्व और आर्थिक लाभ का इस्तेमाल राज्य की जनता के हित में होना चाहिए।

हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से विधेयक को लेकर अलग तर्क दिया गया है। केंद्रीय खान मंत्रालय के अनुसार, MMDR Amendment Bill 2026 का उद्देश्य प्रमुख खनिज क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता, निवेश को बढ़ावा देना और खनन क्षेत्र में वित्तीय व्यवस्था को अधिक निश्चित एवं समान बनाना है। सरकार का कहना है कि संशोधन से राज्यों के जमीन और खनिज संबंधी अधिकार या राज्यों द्वारा वसूले जाने वाले खनिज कर समाप्त नहीं किए गए हैं।

क्या है MMDR Amendment Bill 2026?

बैंककर्मी लूटकांड के बाद एक्शन मोड में बसंतराय पुलिस, जगह-जगह वाहन चेकिंग तेज
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Mines and Minerals (Development and Regulation) Act, 1957 देश में खनन और खनिज विकास को नियंत्रित करने वाला प्रमुख केंद्रीय कानून है। 2026 का संशोधन विधेयक इसी कानून में बदलाव करता है। विधेयक में केंद्र सरकार को mineral-bearing lands यानी खनिज युक्त भूमि के नियमन से संबंधित अतिरिक्त अधिकार देने का प्रावधान किया गया है।

विधेयक में राज्यों द्वारा खनिज अधिकारों या खनिज युक्त भूमि पर लगाए जाने वाले कुछ कर, सेस या अन्य लेवी पर केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों और सीमाओं के तहत प्रतिबंध लगाने का प्रावधान भी है। PRS Legislative Research के अनुसार, विधेयक में पहले से बकाया या वसूल न किए गए कुछ राज्य लेवी को भी विशेष परिस्थितियों में अमान्य मानने का प्रावधान किया गया है।

यही प्रावधान झारखंड में राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बना हुआ है। झामुमो का कहना है कि इससे खनिज उत्पादक राज्य के अधिकार और वित्तीय हित प्रभावित हो सकते हैं। वहीं केंद्र सरकार का पक्ष है कि संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में कर और लेवी की व्यवस्था में स्थिरता तथा एकरूपता लाना है।

बसंतराय से झामुमो की आंदोलन तेज करने की चेतावनी

बसंतराय में लगातार लूट और चोरी की घटनाओं से दहशत, आखिर अपराधियों में पुलिस का डर क्यों नहीं?
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बसंतराय में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं ने कहा कि फिलहाल पार्टी की ओर से प्रखंड स्तर पर आंदोलन किया जा रहा है। यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है और विधेयक वापस नहीं लिया जाता है तो आंदोलन को पूरे झारखंड में व्यापक स्तर पर ले जाने की चेतावनी दी गई।

नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को राज्य स्तर से आगे देश स्तर तक ले जाया जाएगा। इस दौरान संसद भवन के घेराव तक आंदोलन पहुंचाने की बात भी कही गई।

झामुमो नेताओं ने कहा कि यह केवल एक प्रखंड या जिले का मुद्दा नहीं है, बल्कि झारखंड की खनिज संपदा, राज्य के अधिकार और उससे जुड़े आर्थिक हितों का सवाल है। पार्टी ने कहा कि खनिज संपदा से होने वाला फायदा झारखंड की जनता के विकास में इस्तेमाल होना चाहिए।

धरना के बाद सौंपा गया ज्ञापन

धरना-प्रदर्शन के बाद झामुमो की ओर से संबंधित प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से MMDR Amendment Bill 2026 को लेकर पार्टी की आपत्तियों और मांगों को सरकार तक पहुंचाने की मांग की गई।

झामुमो नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार को झारखंड जैसे खनिज उत्पादक राज्यों के हितों और उनकी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इस कानून पर पुनर्विचार करना चाहिए।

झारखंड में इस कानून को लेकर झामुमो पहले भी आंदोलन की घोषणा कर चुका है। अगस्त में पार्टी ने संशोधित MMDR कानून के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया था और प्रखंड स्तर पर धरना आयोजित करने की योजना सामने आई थी।

अब आगे क्या?

बसंतराय में हुए इस धरना-प्रदर्शन के बाद झामुमो की अगली रणनीति पर नजर रहेगी। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा।

वहीं, केंद्र सरकार MMDR Amendment Act 2026 को खनन क्षेत्र में स्थिरता, निवेश और नियामकीय सुधार से जोड़कर देख रही है। इसलिए आने वाले दिनों में इस कानून को लेकर केंद्र और झारखंड की राजनीति में बहस और तेज होने की संभावना बनी हुई है।

फिलहाल बसंतराय से उठी यह आवाज केवल एक प्रखंड तक सीमित रहती है या झामुमो के ऐलान के मुताबिक इसे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा आंदोलन बनाया जाता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

Md Asif Equbal

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