गिरिडीह: जिले के पचंबा थाना क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित तौर पर जीवित मतदाताओं के नाम हटाने के प्रयास का मामला सामने आया है। वार्ड संख्या-2 के भाग संख्या-4 से जुड़े इस मामले को लेकर करीब 20 से 25 लोगों ने पचंबा थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी है। शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
गिरिडीह में जिंदा महिलाओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने का आरोप, 20-25 लोगों ने थाने में दी शिकायत
शाहिदा खातून ने लगाया नाम हटाने का आरोप
मामले की प्रमुख शिकायतकर्ता शाहिदा खातून, पत्नी शहादत अंसारी, ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि वह जीवित हैं और वर्तमान पते पर ही रह रही हैं। उनका नाम संबंधित मतदाता सूची में दर्ज है।
शाहिदा खातून का आरोप है कि इसके बावजूद उनके नाम को मतदाता सूची से हटाने के उद्देश्य से फॉर्म नंबर-7 जमा किया गया। उनका कहना है कि बिना उनकी वास्तविक स्थिति की पुष्टि किए इस तरह नाम हटाने का प्रयास उनके मताधिकार और नागरिक अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।
20 से 25 लोगों ने पुलिस से की शिकायत
मामला सामने आने के बाद वार्ड के कई लोग एकजुट होकर पचंबा थाना पहुंचे। रिपोर्ट के अनुसार करीब 20 से 25 लोगों ने पुलिस को आवेदन देकर मतदाता सूची से नाम हटाने से जुड़े मामलों की जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं की मांग है कि यह पता लगाया जाए कि उनके नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 किस आधार पर जमा किए गए, आवेदन किसने दिए और आवेदन में दर्ज जानकारी की सत्यता क्या है।
पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार के अनुसार, 20 से 25 लोगों ने आवेदन दिया है और मामले की जांच की जा रही है।
करीब 25 मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप
मामले को लेकर झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी पचंबा थाना पहुंचे। उन्होंने थाना प्रभारी से मुलाकात कर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
झामुमो जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वार्ड संख्या-2 के करीब 25 जीवित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए कथित रूप से फॉर्म-7 जमा किए गए हैं। उन्होंने प्रशासन से यह जांचने की मांग की कि इन आवेदनों के पीछे कौन लोग हैं और आवेदन किस प्रक्रिया के तहत जमा किए गए।
हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस या निर्वाचन अधिकारियों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
SIR प्रक्रिया के दौरान सामने आया मामला
यह पूरा विवाद मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) से जुड़ा बताया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम और विवरण के सत्यापन का काम चल रहा है।
पचंबा के वार्ड संख्या-2, भाग संख्या-4 में फॉर्म-7 के माध्यम से नाम हटाने के कथित प्रयास की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों की मांग है कि मतदाता सूची में किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम गलत तरीके से न हटे और सभी आपत्तियों की निष्पक्ष तरीके से जांच हो।
फॉर्म-7 को लेकर क्यों उठे सवाल?
मतदाता सूची से किसी नाम को हटाने की प्रक्रिया में फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया जाता है। इसी फॉर्म को लेकर पचंबा क्षेत्र में विवाद खड़ा हुआ है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि किसी जीवित और वर्तमान पते पर रह रहे व्यक्ति के नाम को हटाने के लिए गलत जानकारी के आधार पर आवेदन दिया गया है, तो इसकी जांच जरूरी है।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि संबंधित फॉर्म किसने जमा किया, उसमें नाम हटाने का कारण क्या बताया गया और आवेदन की जांच किस स्तर पर हुई।
राजनीतिक दल के नेता भी पहुंचे थाना
मामले की जानकारी मिलने के बाद झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह, डिप्टी मेयर सुमित कुमार समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी थाना पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की मांग की।
वहीं, स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि वार्ड में जमा किए गए ऐसे सभी फॉर्म-7 की जांच की जाए और वास्तविक मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
अब जांच पर टिकी नजर
फिलहाल इस पूरे मामले में आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, फॉर्म-7 किसने जमा किया और नाम हटाने के पीछे वास्तविक कारण क्या था—इन सभी सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी जीवित मतदाता का नाम गलत या फर्जी जानकारी के आधार पर हटाने का प्रयास किया गया, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। वहीं यदि आवेदन प्रक्रिया नियमों के तहत हुआ है, तो उसकी वास्तविक स्थिति भी जांच के बाद सामने आएगी।
गिरिडीह के पचंबा थाना क्षेत्र में मतदाता सूची से कथित तौर पर जीवित लोगों के नाम हटाने के प्रयास का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। करीब 20 से 25 लोगों द्वारा पुलिस को शिकायत दिए जाने के बाद अब पूरे मामले की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत मिलने और जांच किए जाने की पुष्टि की है। इसलिए आरोपों को अंतिम सत्य मानने के बजाय जांच के परिणाम का इंतजार करना जरूरी है।
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