गोड्डा। मतदाता सूची को लेकर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 (SIR-2026) को सफल बनाने के उद्देश्य से गोड्डा समाहरणालय सभाकक्ष में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची की शुद्धता, दावे एवं आपत्तियों की प्रक्रिया और बूथ लेवल एजेंट (BLA) की भूमिका को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। उपायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए मतदाता सूची में सही और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल होना तथा अपात्र या गलत प्रविष्टियों को नियमानुसार हटाया…
गोड्डा में मतदाता सूची का SIR-2026: 15 सितंबर तक दावा-आपत्ति, मतदाताओं के लिए जरूरी सूचना
जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाएं और मतदाताओं को भी इस प्रक्रिया की सही जानकारी उपलब्ध कराएं। 5 अगस्त को प्रकाशित हो चुकी है प्रारूप मतदाता सूची जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 30 जून 2026 से शुरू किया गया था। गणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया के बाद प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त 2026 को सभी मतदान केंद्रों पर किया जा चुका है। वर्तमान में मतदाता सूची को लेकर दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया 5 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक निर्धारित की गई है। ऐसे में जिले के मतदाताओं के लिए यह महत्वपूर्ण सूचना है कि यदि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची में नहीं है, नाम में किसी प्रकार की त्रुटि है या मतदाता सूची से संबंधित कोई आपत्ति है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। मतदाताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रक्रिया? मतदाता सूची में नाम होना मतदान के अधिकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने नाम और मतदाता सूची में दर्ज विवरण की जांच कर लें। विशेष रूप से मतदाताओं को यह देखना चाहिए कि— – मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज है या नहीं। – नाम की स्पेलिंग सही है या नहीं। – पिता या पति के नाम में कोई गलती तो नहीं है। – उम्र अथवा जन्म संबंधी जानकारी सही है या नहीं। – पता और अन्य जरूरी विवरण सही दर्ज हैं या नहीं। – परिवार के पात्र सदस्यों का नाम मतदाता सूची में शामिल है या नहीं। यदि किसी प्रकार की समस्या सामने आती है, तो निर्धारित समय सीमा के अंदर संबंधित निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष दावा या आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है। दावे और आपत्तियों की हो रही है सुनवाई प्रशासन की ओर से बताया गया कि प्राप्त दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई विशेष कैंप के माध्यम से नामित ERO, AERO और Add. AERO के स्तर से की जा रही है। इस प्रक्रिया में प्राप्त आवेदनों की निर्धारित नियमों के अनुसार जांच और सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के स्तर से नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में किसी व्यक्ति के नाम को शामिल करने या हटाने की प्रक्रिया नियमों के अनुसार ही पूरी की जाएगी। BLA की भूमिका भी महत्वपूर्ण बैठक में उपायुक्त ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बूथ लेवल एजेंट (BLA) की भूमिका और प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत BLA निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से संबंधित आवेदन प्रपत्र सामूहिक रूप से संबंधित BLO के समक्ष जमा कर सकते हैं। हालांकि, आवेदन जमा करने के बाद संबंधित आवेदन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच और सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के स्तर से नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। एक दिन में अधिकतम 10 आवेदन जमा कर सकेंगे BLA उपायुक्त ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद प्रत्येक BLA-2 द्वारा प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र BLO को जमा किए जा सकते हैं। इसके साथ BLA को एक लिखित घोषणा पत्र भी देना होगा। इसमें यह उल्लेख करना होगा कि आवेदन फॉर्म में दी गई जानकारी की व्यक्तिगत रूप से जांच कर ली गई है और BLA उस जानकारी को सही पाता है। 30 से अधिक आवेदन पर होगी क्रॉस-वेरिफिकेशन प्रशासन ने प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी भी दी है। यदि किसी BLA द्वारा विशेष पुनरीक्षण की पूरी अवधि के दौरान 30 से अधिक आवेदन प्रपत्र जमा किए जाते हैं, तो संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी या सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा उन आवेदनों का व्यक्तिगत रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य आवेदन प्रपत्रों की शुद्धता सुनिश्चित करना और मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखना है। फॉर्म-7 को लेकर भी प्रशासन ने किया स्पष्ट बैठक में प्रपत्र-7 को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाने का निर्णय केवल प्रपत्र-7 जमा होने से नहीं हो जाता। प्रपत्र-7 के तहत प्राप्त आवेदन की सघन जांच और समुचित सुनवाई के बाद ही संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा नियमानुसार निर्णय लिया जाता है। इसलिए केवल किसी व्यक्ति द्वारा प्रपत्र-7 जमा किए जाने मात्र से यह नहीं माना जा सकता कि संबंधित व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। मतदाताओं से प्रशासन की अपील जिला प्रशासन ने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदाता सूची में अपने नाम और विवरण की जांच जरूर करें। यदि नाम से संबंधित कोई समस्या या आपत्ति है तो निर्धारित अवधि के दौरान नियमानुसार दावा या आपत्ति दर्ज कराएं। प्रशासन ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी कहा कि वे अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं को सही जानकारी दें, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को पारदर्शी और सफल बनाया जा सके। अफवाह फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई बैठक के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि मतदाता सूची और पुनरीक्षण से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करें। गलत सूचना के आधार पर किसी तरह की अफवाह फैलाने से बचें। मतदाताओं के लिए सबसे जरूरी सूचना गोड्डा जिले के सभी मतदाताओं के लिए इस समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक चलेगी। इसलिए मतदाता अपने नाम और विवरण की जांच कर लें और यदि किसी प्रकार की गलती या समस्या है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय रहते आवेदन करें। मतदाता सूची में नाम को लेकर किसी भी तरह की जानकारी के लिए संबंधित BLO, ERO/AERO या निर्वाचन कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है—सही मतदाता का नाम मतदाता सूची में रहे, मतदाता सूची विश्वसनीय रहे और आगामी चुनावी प्रक्रिया में किसी पात्र मतदाता को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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