नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की खबर सामने आने के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है। घटना की जानकारी सामने आते ही मौके पर गंभीर स्थिति पैदा हो गई और राहत एवं बचाव कार्य को लेकर लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिक गई है। बताया जा रहा है कि सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की घटना ने आसपास के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इमारत के अचानक गिरने से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बनने की बात कही जा रही है। हादसे की…
सत्य निकेतन में गिरी इमारत, दिल्ली में मचा हड़कंप; जांच की मांग
गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। यह इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के नजदीक होने के कारण यहां बड़ी संख्या में छात्र, स्थानीय लोग और अन्य नागरिकों की आवाजाही रहती है। ऐसे में इमारत गिरने की घटना ने लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। युद्धस्तर पर राहत-बचाव की मांग घटना को लेकर रेखा गुप्ता सरकार से मांग की गई है कि राहत और बचाव अभियान को तत्काल युद्धस्तर पर चलाया जाए। प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि मलबे में यदि कोई व्यक्ति फंसा है तो उसे जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। ऐसे हादसों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए राहत एवं बचाव दलों को पूरी तत्परता के साथ अभियान चलाने की जरूरत है। इमारतों की सुरक्षा पर उठे सवाल सत्य निकेतन में सामने आई इस घटना के बाद राजधानी में इमारतों की सुरक्षा और उनकी स्थिति की निगरानी को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में पुरानी या कमजोर इमारतों को लेकर समय-समय पर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आती रही हैं। ऐसे में प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संवेदनशील और जर्जर इमारतों की समय-समय पर जांच हो तथा जहां खतरा हो, वहां समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जाए। उच्चस्तरीय जांच की मांग घटना की उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की गई है। जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि आखिर इमारत गिरने के पीछे क्या वजह रही। यदि निर्माण कार्य, भवन की स्थिति, सुरक्षा मानकों या किसी अन्य स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। साथ ही यह भी जांच का विषय होना चाहिए कि संबंधित इमारत की स्थिति को लेकर पहले कोई शिकायत या चेतावनी सामने आई थी या नहीं। छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता सत्य निकेतन और साउथ कैंपस के आसपास बड़ी संख्या में छात्र और आम नागरिक रहते और आवाजाही करते हैं। ऐसे में किसी भी निर्माण या भवन से जुड़ी लापरवाही सीधे लोगों की जान को खतरे में डाल सकती है। छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को ऐसे इलाकों में भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। यदि कहीं भी खतरा दिखाई देता है तो तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। फिलहाल सत्य निकेतन की घटना को लेकर राहत और बचाव अभियान तथा प्रशासन की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण है। हादसे के कारणों और नुकसान की वास्तविक स्थिति की जानकारी संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। नोट: इस खबर में जान-माल के नुकसान, घायलों की संख्या या मलबे में लोगों के फंसे होने जैसी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने पर ही उसे अपडेट किया जाना चाहिए।
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