गोड्डा/महागामा: महागामा थाना क्षेत्र के घाट बलिया में सामने आए कथित अवैध मिनी गन फैक्ट्री मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में पवन कुमार तुरी, प्रीतम कुमार और इन्द्रदेव रविदास शामिल हैं।
महागामा अवैध मिनी गन फैक्ट्री मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन और आरोपी गिरफ्तार
पुलिस की कार्रवाई के बाद इस मामले में अवैध हथियारों के निर्माण और उनके परिवहन से जुड़े नेटवर्क को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों के निर्माण में कौन-कौन लोग शामिल थे और तैयार हथियारों को कहां तथा किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।
पवन तुरी की निशानदेही पर कार जब्त
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी पवन कुमार तुरी की निशानदेही पर एक स्विफ्ट डिजायर कार (JH17AC3032) बरामद/जब्त की गई है। पुलिस को आशंका है कि इस वाहन का इस्तेमाल हथियारों के परिवहन में किया गया हो सकता है। वाहन को जांच के दायरे में लेते हुए पुलिस इससे जुड़े तथ्यों और इसके इस्तेमाल की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
प्रेस मिलने की जनका
पुलिस के अनुसार, पवन कुमार तुरी के परिसर/वाहन की जांच के दौरान PRESS लिखा बोर्ड तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े पहचान-पत्र भी मिले हैं। पुलिस इन सामग्रियों की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था।
हालांकि, इन सामग्रियों के आधार पर किसी व्यक्ति की पत्रकारिता या किसी संगठन से वास्तविक संबद्धता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
हथियारों के पूरे नेटवर्क की जांच
इस कार्रवाई का नेतृत्व एसडीपीओ वरुण रजक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने किया। पुलिस अब केवल हथियार निर्माण तक सीमित नहीं रहकर इसके संभावित निर्माण, परिवहन, सप्लाई और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
जांच में पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अवैध हथियारों के लिए कच्चा माल कहां से आता था, हथियार तैयार करने में किन लोगों की भूमिका थी, तैयार हथियारों को किस माध्यम से दूसरे स्थानों तक पहुंचाया जाता था और इस पूरे मामले में आर्थिक लेन-देन की कोई कड़ी है या नहीं।
आगे और खुलासे की संभावना
तीन और गिरफ्तारियों तथा वाहन जब्ती के बाद मामले में जांच और आगे बढ़ने की संभावना है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर सकती है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और अवैध हथियार निर्माण एवं परिवहन से जुड़े पूरे नेटवर्क को लेकर पुलिस के स्तर से तथ्यों को खंगाला जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।
नोट: इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के संबंध में लगाए गए आरोप पुलिस जांच का हिस्सा हैं। अदालत में दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानून की नजर में निर्दोष माने जाते हैं।
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