FLASH NEWS
कौन थे वो Neurosurgeon? तेलंगाना में कार डिवाइडर से कैसे टकराई? आग की लपटों में जिंदा जलकर हुई मौतजेएसएससी-सीजीएल: परीक्षा धांधली पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल, बोले- सीबीआई जांच से ही सामने आएगा पूरा सचझारखंड: सुदिव्य कुमार के निधन के बाद खाली हुए तीन विभाग अब सीएम हेमंत सोरेन के पास, सरकार ने जारी की अधिसूचनाझारखंड: कैबिनेट में फिर फेरबदल की चर्चा क्यों तेज? 25 सितंबर की बैठक के बाद खुल सकता है पत्तों का राजMLC चुनाव में निशांत कुमार की अग्निपरीक्षा! JDU हारी तो बढ़ेगी उत्तराधिकार की लड़ाई, समझिए JDU का मास्टर प्लानजेएमआई: जामिया में ऑड सेमेस्टर परीक्षा के लिए 25 सितंबर से भरें फॉर्म, बिना विलंब शुल्क 20 अक्तूबर तक आवेदनकौन थे वो Neurosurgeon? तेलंगाना में कार डिवाइडर से कैसे टकराई? आग की लपटों में जिंदा जलकर हुई मौतजेएसएससी-सीजीएल: परीक्षा धांधली पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल, बोले- सीबीआई जांच से ही सामने आएगा पूरा सचझारखंड: सुदिव्य कुमार के निधन के बाद खाली हुए तीन विभाग अब सीएम हेमंत सोरेन के पास, सरकार ने जारी की अधिसूचनाझारखंड: कैबिनेट में फिर फेरबदल की चर्चा क्यों तेज? 25 सितंबर की बैठक के बाद खुल सकता है पत्तों का राजMLC चुनाव में निशांत कुमार की अग्निपरीक्षा! JDU हारी तो बढ़ेगी उत्तराधिकार की लड़ाई, समझिए JDU का मास्टर प्लानजेएमआई: जामिया में ऑड सेमेस्टर परीक्षा के लिए 25 सितंबर से भरें फॉर्म, बिना विलंब शुल्क 20 अक्तूबर तक आवेदन

झारखंड: सुदिव्य कुमार के निधन के बाद खाली हुए तीन विभाग अब सीएम हेमंत सोरेन के पास, सरकार ने जारी की अधिसूचना

Google पर Avatar News
पोस्ट ऑडियोखबर सुनने के लिए बटन दबाएँ
अवतार न्यूज़ संवाददाता

झारखंड: सुदिव्य कुमार के निधन के बाद खाली हुए तीन विभाग अब CM हेमंत सोरेन के पास, सरकार ने जारी की अधिसूचना

सरकार के इस फैसले के बाद नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास रहेंगे। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।


सुदिव्य कुमार के निधन के बाद बनी थी विभागों को लेकर स्थिति

झारखंड सरकार में मंत्री और गिरिडीह से विधायक रहे सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर 2026 को आकस्मिक निधन हो गया था। रिपोर्टों के अनुसार, गिरिडीह स्थित उनके आवास पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।

उनके निधन के बाद सरकार के सामने उनके पास रहे विभागों के कामकाज को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था तय करने की जरूरत थी। सुदिव्य कुमार के पास एक साथ कई महत्वपूर्ण विभाग थे, जिनका सीधा संबंध राज्य के शहरी विकास, उच्च शिक्षा, पर्यटन और युवा गतिविधियों से है।

अब सरकार ने अस्थायी तौर पर इन सभी विभागों की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को सौंप दी है।


मुख्यमंत्री के पास आए ये तीन बड़े विभाग

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक सुदिव्य कुमार के पास रहे तीन विभाग अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास रहेंगे।

1. नगर विकास एवं आवास विभाग

यह विभाग राज्य के शहरी क्षेत्रों के विकास, नगर निकायों, आवास और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों के लिए महत्वपूर्ण है।

राज्य के शहरों में सड़क, जलापूर्ति, स्वच्छता, आवास, नगर निकायों की व्यवस्था और विभिन्न शहरी विकास योजनाओं से जुड़े फैसले इसी विभाग के दायरे में आते हैं।

ऐसे में इस विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री के पास आने से शहरी विकास से जुड़े फैसलों पर सीधे मुख्यमंत्री स्तर की निगरानी रहेगी।

2. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग

सुदिव्य कुमार के पास उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग भी था। अब इसकी जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन संभालेंगे।

इस विभाग के तहत राज्य के विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षा संस्थानों और तकनीकी शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक विषय आते हैं। उच्च शिक्षा से जुड़े नीतिगत निर्णय, संस्थानों से संबंधित प्रशासनिक कार्य और तकनीकी शिक्षा व्यवस्था भी इसी दायरे में आती है।

3. पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग

तीसरा महत्वपूर्ण विभाग पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य है।

झारखंड की पर्यटन क्षमता, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों के विकास, सांस्कृतिक गतिविधियों, खेल और युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों के लिए यह विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सुदिव्य कुमार के निधन के बाद अब इस विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी मुख्यमंत्री के पास रहेगा।


18 सितंबर को जारी हुई अधिसूचना

रिपोर्टों के अनुसार, इन विभागों के प्रभार को लेकर 18 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी की गई। अधिसूचना मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की ओर से जारी की गई है।

इसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि सुदिव्य कुमार के निधन से खाली हुए विभागों को फिलहाल किसी अन्य मंत्री को देने के बजाय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं संभालेंगे।

एक नजर में पूरी व्यवस्था

विभाग अब किसके पास
नगर विकास एवं आवास मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

सुदिव्य कुमार सोनू कौन थे?

सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे और गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें हेमंत सोरेन सरकार में महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली थी।

उनके निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झामुमो नेताओं ने सार्वजनिक रूप से शोक व्यक्त किया था। मुख्यमंत्री ने उन्हें अपना करीबी साथी और बड़े भाई के समान बताया था।

सुदिव्य कुमार के निधन के बाद झारखंड सरकार ने 6 और 7 सितंबर को दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा भी की थी।


झामुमो और सरकार के लिए अहम थे सुदिव्य कुमार

सुदिव्य कुमार को झामुमो के संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नेताओं में गिना जाता था। उनके निधन की खबर के बाद पार्टी और सरकार के नेताओं ने इसे बड़ी क्षति बताया।

उनके राजनीतिक सफर का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी रहा कि वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी सहयोगियों में माने जाते थे। 2024 में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के दौर के बाद पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों में भी उनकी भूमिका का उल्लेख विभिन्न रिपोर्टों में किया गया है।


तीनों विभाग क्यों हैं महत्वपूर्ण?

मुख्यमंत्री के पास आए तीनों विभाग राज्य के अलग-अलग लेकिन महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं।

नगर विकास एवं आवास सीधे राज्य के शहरों और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़ा है।

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा युवाओं की उच्च शिक्षा, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों से संबंधित है।

वहीं पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य झारखंड की सांस्कृतिक पहचान, पर्यटन स्थलों के विकास, खेल प्रतिभाओं और युवा कार्यक्रमों से जुड़ा हुआ है।

इस वजह से इन विभागों का प्रभार फिलहाल मुख्यमंत्री के पास जाना प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


अब आगे क्या?

फिलहाल सरकार की अधिसूचना के बाद इन तीनों विभागों का अतिरिक्त प्रभार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास रहेगा। आगे सरकार इन विभागों के स्थायी प्रभार को लेकर क्या निर्णय लेती है, इस पर नजर रहेगी।

सुदिव्य कुमार के निधन से खाली हुए मंत्री पद और विभागों के पुनर्वितरण को लेकर आने वाले दिनों में झारखंड सरकार की अगली प्रशासनिक और राजनीतिक कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

अब नजर इस पर

मुख्यमंत्री के पास तीन महत्वपूर्ण विभाग आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह व्यवस्था कितने समय तक रहती है और क्या आगे मंत्रिमंडल में इन विभागों के लिए नए सिरे से जिम्मेदारी तय की जाती है। फिलहाल सरकार ने तत्काल प्रशासनिक कामकाज के लिए मुख्यमंत्री को इन विभागों का अतिरिक्त प्रभार देकर स्थिति स्पष्ट कर दी है।

नोट: यह रिपोर्ट 20 सितंबर 2026 तक उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्टों और सरकारी अधिसूचना से संबंधित समाचार विवरणों के आधार पर तैयार की गई है।

कमेंट करें

Md Asif Equbal
लेखक के बारे में

Md Asif Equbal

Md Asif Equbal, Avatar News के पत्रकार और लेखक हैं। झारखंड, बिहार और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों, स्थानीय मुद्दों और जनहित से जुड़े समाचारों पर उनकी रिपोर्ट पढ़ें।

लेखक की सभी खबरें देखें →