जितिया पर्व पर बसंतराय के ऐतिहासिक तालाब में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, सफाई नहीं होने से हुई परेशानी
गोड्डा के बसंतराय स्थित ऐतिहासिक तालाब में जितिया पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से महिलाएं स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचीं। वहीं, घाटों की समुचित सफाई नहीं होने से श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। ग्रामीणों ने तालाब की सफाई, अतिक्रमण हटाने और सौंदर्यीकरण कराने की मांग की।







बसंतराय संवाददाता। जितिया पर्व के अवसर पर गुरुवार की सुबह बसंतराय के ऐतिहासिक तालाब में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में महिलाएं स्नान और पूजा-अर्चना के लिए तालाब पहुंचीं। सुबह से ही तालाब परिसर में चहल-पहल बनी रही और पूरा क्षेत्र धार्मिक माहौल में डूबा नजर आया। हालांकि, एक ओर जहां ऐतिहासिक तालाब में आस्था का सैलाब देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर घाटों की समुचित साफ-सफाई नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ऐतिहासिक तालाब में स्नान-पूजन के लिए पहुंचीं महिलाएं
जितिया पर्व को लेकर बसंतराय के ऐतिहासिक तालाब में सुबह से ही महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु यहां स्नान और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने पहुंचे। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस ऐतिहासिक तालाब से क्षेत्र के लोगों की गहरी धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। वर्षों से जितिया पर्व के अवसर पर यहां स्नान-पूजन करने की परंपरा चली आ रही है।
पर्व को लेकर तालाब के आसपास पूरे दिन धार्मिक गतिविधियों और लोगों की आवाजाही का माहौल बना रहा। महिलाओं ने स्नान और पूजा-अर्चना के बाद आवश्यक पूजन सामग्री तथा प्रसाद की खरीदारी भी की।
मिठाई दुकानों पर भी दिखी रौनक
जितिया पर्व के कारण बसंतराय के बाजार में भी चहल-पहल देखने को मिली। पूजन सामग्री और मिठाइयों की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। वहीं, पाल सिंगर मिठाई दुकान पर भी काफी संख्या में लोग खरीदारी करते नजर आए। पर्व को लेकर स्थानीय दुकानों पर रौनक बनी रही और बाजार में सुबह से ही लोगों की आवाजाही बढ़ गई।
ऐतिहासिक तालाब के घाटों पर सफाई की कमी से परेशानी
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच तालाब के घाटों और आसपास के क्षेत्रों में समुचित साफ-सफाई नहीं होने की समस्या भी सामने आई। स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले इस तालाब पर पर्व-त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों की नियमित सफाई और बेहतर व्यवस्था होना जरूरी है।
श्रद्धालुओं के लिए स्नान और पूजा-अर्चना के दौरान स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पर्व से पहले तालाब परिसर की बेहतर साफ-सफाई कराई जाती, तो लोगों को कम परेशानियों का सामना करना पड़ता। ऐतिहासिक महत्व के इस स्थल पर बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।
तालाब के सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण हटाने की उठी मांग
ग्रामीणों के अनुसार, बसंतराय के ऐतिहासिक तालाब के सौंदर्यीकरण और उसे अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग लंबे समय से उठती रही है। लोगों का कहना है कि तालाब के विकास को लेकर चर्चाएं तो होती रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें अपेक्षित बदलाव देखने को नहीं मिला है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तालाब की साफ-सफाई कराने, घाटों को व्यवस्थित करने, आसपास की गंदगी दूर करने और अतिक्रमण की समस्या पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि ऐतिहासिक तालाब का जल्द सौंदर्यीकरण कराया जाए, ताकि इसकी धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित किया जा सके।
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद
बसंतराय का ऐतिहासिक तालाब स्थानीय लोगों की आस्था और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। जितिया जैसे पर्वों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना इसकी धार्मिक महत्ता को दर्शाता है। ऐसे में तालाब की नियमित सफाई, घाटों की मरम्मत और बेहतर व्यवस्थाओं की जरूरत महसूस की जा रही है।
अब स्थानीय लोगों की निगाहें संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर ध्यान दिया जाएगा और ऐतिहासिक तालाब के संरक्षण, स्वच्छता तथा सौंदर्यीकरण के लिए ठोस पहल की जाएगी, ताकि आने वाले पर्व-त्योहारों में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
Avatar News | बसंतराय, गोड्डा
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