Wednesday, 7 October 2026
आपके क्षेत्र की खबर, आपकी आवाज़
BREAKING NEWS
गोड्डा में हर माह 150 से 180 यूनिट रक्त उपलब्ध कराने पर जोर, थैलेसीमिया मरीजों को मिलेगा नि:शुल्क रक्तबंगाल ज्वेलर्स लूटकांड का सफल उद्भेदन, सभी आरोपी गिरफ्तारबसंतराय में दुर्गा पूजा को लेकर शांति समिति की बैठक, DJ पर पूर्ण प्रतिबंधये खेल नहीं, जिंदगी की दौड़ थी! साड़ी में नंगे पांव दौड़ी कविता देवी, 1600 मीटर में दिखाया हौसलाबसंतराय में प्रज्ञा केंद्रों की जांच पर BDO की सख्ती की सराहना, गलत दस्तावेज और अधिक राशि वसूली पर शिकायत की अपीलअमडीहा ओवरब्रिज के पास रोड रोलर से बाइक की जोरदार टक्कर, दो युवक गंभीरPunjab in ‘hands of mafia’: Oppn targets AAP over influencer Mad Sandhu's murderमुकेश कुमार ने खूंखार गेंदबाजी से बरपाया कहर, 8 विकेट लेकर दिलाई ऋषभ पंत की टीम को जीत

झारखंड में RSS कार्यालय पेट्रोल बम केस में ED का बड़ा एक्शन, लोहरदगा में सैफ-अमन के घर छापेमारी; 4 राज्यों तक फैली जांच

शेयर करें:FacebookWhatsAppXGoogle NewsGoogle Preferences
अवतार न्यूज़ संवाददाता

Jharkhand News: रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांत कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब एक और अहम चरण में पहुंच गई है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को झारखंड समेत चार राज्यों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। लोहरदगा में ED की टीम ने मामले में गिरफ्तार किए गए सैफ अंसारी और अमन अंसारी से जुड़े घरों पर कई घंटे तक जांच की।

ED की यह कार्रवाई मामले में कथित वित्तीय लेनदेन, फंडिंग और मनी ट्रेल की जांच से जुड़ी बताई जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रांची में हुए हमले से जुड़े लोगों तक कथित तौर पर पैसा कैसे पहुंचा और इस धन का स्रोत क्या था। हालांकि, तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसकी पूरी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

लोहरदगा में सुबह पहुंची ED की टीम, इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

ED की टीम गुरुवार सुबह लोहरदगा पहुंची। इसके बाद स्थानीय पुलिस की सहायता से न्यू आजाद बस्ती इलाके में उन घरों पर तलाशी शुरू की गई, जो RSS कार्यालय पेट्रोल बम हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

रांची में तेज बारिश और आंधी के बीच स्कूल बस पर गिरा विशाल पेड़, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
रांची में तेज बारिश और आंधी के बीच स्कूल बस पर गिरा विशाल पेड़, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। लोगों की आवाजाही को सीमित रखा गया और टीम ने घर के अलग-अलग हिस्सों की तलाशी ली।

जांच के दौरान परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन और दस्तावेजों की भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। ED अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान मीडिया या स्थानीय लोगों से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।

किन लोगों के घर पर हुई कार्रवाई?

लोहरदगा में ED की कार्रवाई मुख्य रूप से सैफ अंसारी और अमन अंसारी से जुड़े परिसरों पर केंद्रित रही। दोनों का नाम रांची RSS कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में सामने आया था।

ब्लड चाहिए तो बस एक कॉल: झारखंड में शुरू होगी नई व्यवस्था, रांची में बनेगा कमांड सेंटर
ब्लड चाहिए तो बस एक कॉल: झारखंड में शुरू होगी नई व्यवस्था, रांची में बनेगा कमांड सेंटर

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया था। आगे की जांच में इस मामले से जुड़े एक अन्य व्यक्ति सायम सुजान का नाम भी सामने आया था।

आखिर क्या है पूरा RSS कार्यालय पेट्रोल बम मामला?

यह मामला 16 जून 2026 की रात और 17 जून की शुरुआती रात रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित RSS प्रांत कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले से जुड़ा है।

जांच रिकॉर्ड के अनुसार, रात करीब 12:36 बजे दो लोगों ने RSS कार्यालय परिसर की ओर पेट्रोल बम फेंके थे। घटना के वक्त कार्यालय परिसर में कई लोग मौजूद थे। CCTV फुटेज में दो संदिग्धों के वहां पहुंचने और घटना के बाद भागने की जानकारी जांच एजेंसियों के सामने आई थी।

Jharkhand High Court में 3 नए जजों की नियुक्ति को मंजूरी, जानें मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा के नाम
Jharkhand High Court में 3 नए जजों की नियुक्ति को मंजूरी, जानें मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा के नाम

शुरुआत में मामले की जांच रांची पुलिस और झारखंड ATS ने की। बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद NIA ने इस केस को अपने हाथ में लिया।

NIA ने इस मामले में अपने स्तर पर FIR दर्ज कर जांच शुरू की और अलग-अलग राज्यों में संदिग्धों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

NIA की जांच के बाद अब ED की एंट्री क्यों हुई?

RSS कार्यालय हमले की जांच में जब कथित वित्तीय लेनदेन और फंडिंग से जुड़े पहलुओं की जानकारी सामने आई, तो जांच का दायरा केवल हमले की साजिश तक सीमित नहीं रहा।

ED अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घटना को अंजाम देने वाले या इससे जुड़े लोगों को किसी नेटवर्क के माध्यम से धन उपलब्ध कराया गया था।

इसी कथित मनी ट्रेल की जांच के लिए ED ने Prevention of Money Laundering Act यानी PMLA के तहत कार्रवाई की है। रिपोर्टों के अनुसार, ED की कार्रवाई NIA की जांच से जुड़े मामले के आधार पर दर्ज ECIR से संबंधित है।

चार राज्यों में एक साथ छापेमारी

ED की कार्रवाई सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं रही। एजेंसी ने झारखंड, बिहार, दिल्ली और कर्नाटक में कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।

इससे साफ है कि एजेंसी जांच में सामने आए संभावित संपर्कों और वित्तीय गतिविधियों की कड़ियों को अलग-अलग स्थानों से जोड़कर देख रही है।

रिपोर्टों के अनुसार, लोहरदगा के अलावा बिहार और दिल्ली में भी संबंधित लोगों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली गई। कर्नाटक में भी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।

पटना में NIA की कार्रवाई के बाद सामने आया था कैश का मामला

इस केस की जांच में इससे पहले भी बिहार कनेक्शन सामने आया था। सितंबर के शुरुआती दिनों में NIA ने पटना में दो फ्लैटों की तलाशी ली थी।

रिपोर्टों के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान करीब 20 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसके बाद वित्तीय लेनदेन और पैसे के स्रोत की जांच का पहलू और महत्वपूर्ण हो गया।

अब ED इसी तरह के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंकिंग गतिविधियों, डिजिटल साक्ष्यों और संभावित फंडिंग चैनल की जांच कर रही है।

हालांकि, किसी बरामद रकम को RSS कार्यालय हमले की फंडिंग से जोड़ना तब तक अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता, जब तक जांच एजेंसियां उसका आधिकारिक संबंध स्थापित न कर दें।

जांच में दुबई कनेक्शन की भी चर्चा

इस मामले की जांच के दौरान एक आरोपी के दुबई जाने और वहां कथित तौर पर एक हैंडलर के संपर्क में आने की बात सामने आई है।

India Today की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच अधिकारियों ने एक आरोपी के दुबई प्रवास और वहां कथित रूप से “राणा साहिब” नाम के व्यक्ति से संपर्क की जांच की है। एजेंसी इस कथित संपर्क को पाकिस्तान स्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जोड़कर देख रही है।

यहां यह समझना जरूरी है कि ये जांच एजेंसियों द्वारा जांचे जा रहे आरोप और संभावित कड़ियां हैं। अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।

शाहजाद भट्टी नेटवर्क का नाम क्यों आया?

ED की मौजूदा जांच में पाकिस्तान स्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क से कथित वित्तीय संपर्क की भी पड़ताल की जा रही है।

India Today के अनुसार, एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस नेटवर्क से जुड़े कथित फंड का इस्तेमाल रांची हमले से संबंधित गतिविधियों में हुआ था।

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा शाहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। मंत्रालय के अनुसार, नेटवर्क पर हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की सीमा-पार तस्करी तथा लोगों को आतंकी गतिविधियों में भर्ती करने जैसे आरोप हैं।

सैफ और अमन पर पहले से जांच का शिकंजा

RSS कार्यालय हमले के बाद रांची पुलिस की जांच में सैफ अंसारी और अमन अंसारी का नाम सामने आया था। दोनों को जांच एजेंसियों ने गिरफ्तार किया।

जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, सैफ अंसारी लोहरदगा क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि अमन अंसारी उर्फ गोलू भी लोहरदगा के न्यू आजाद बस्ती का निवासी बताया गया है। पूछताछ के दौरान तीसरे व्यक्ति सायम सुजान का नाम भी सामने आया था।

सैफ अंसारी से जुड़ी जांच में एक अलग घटनाक्रम भी सामने आया था। रिपोर्ट के अनुसार, वह 18 जून को कोतवाली थाना परिसर से भाग गया था। बाद में चान्हो थाना क्षेत्र में पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी और उसे दोबारा पकड़ा गया। इस घटनाक्रम को लेकर अलग मामले दर्ज किए गए।

NIA पहले भी लोहरदगा में कर चुकी है छापेमारी

ED से पहले NIA भी लोहरदगा में कई बार तलाशी अभियान चला चुकी है।

जुलाई 2026 में NIA की टीम ने RSS कार्यालय हमले की जांच के सिलसिले में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की गई थी।

इससे पहले भी संबंधित ठिकानों पर जांच एजेंसियां पहुंच चुकी थीं। यानी लोहरदगा अब इस पूरे केस की जांच में एक महत्वपूर्ण स्थान बन चुका है।

जांच एजेंसियां किन चीजों पर कर रही हैं फोकस?

ED की मौजूदा कार्रवाई को देखें तो जांच के कई अहम पहलू सामने आते हैं।

1. पैसों का स्रोत

एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर पैसा कहां से आया।

2. बैंकिंग ट्रांजैक्शन

संदिग्ध लोगों के बैंक खातों और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच की जा सकती है।

3. डिजिटल रिकॉर्ड

मोबाइल फोन, चैट, कॉल डिटेल, डिजिटल पेमेंट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच का हिस्सा हो सकते हैं।

4. संपर्कों का नेटवर्क

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में थे।

5. संभावित फंडिंग चैनल

अगर किसी व्यक्ति या नेटवर्क से पैसा मिलने की बात सामने आती है तो उसके स्रोत और इस्तेमाल की जांच महत्वपूर्ण होगी।

हमले से पहले रेकी और होटल कनेक्शन की जांच

इस मामले की पिछली जांच में घटना से पहले कथित रेकी और होटल में रुकने से जुड़े विवरण भी सामने आए थे।

जागरण की एक रिपोर्ट में जांच के दौरान सामने आए कथित बयान का हवाला देते हुए बताया गया कि कुछ आरोपियों ने घटना से पहले निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय की रेकी की थी और कांटाटोली के एक होटल में ठहरने की बात भी जांच में सामने आई थी। रिपोर्ट में पेट्रोल बम तैयार करने और घटना के बाद वापस लौटने से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख है।

इन दावों की पुष्टि और कानूनी स्थिति जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से तय होगी।

अब ED की कार्रवाई से क्या बदलेगा?

ED की एंट्री के बाद इस केस की जांच का एक नया पहलू सामने आया है। अब सिर्फ यह पता लगाना महत्वपूर्ण नहीं है कि घटना में कौन शामिल था, बल्कि यह भी जांच का हिस्सा है कि अगर किसी तरह की वित्तीय मदद दी गई थी तो वह कहां से आई, किस माध्यम से पहुंची और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।

यही वजह है कि लोहरदगा के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी तलाशी अभियान चलाया गया है।

अगर तलाशी के दौरान बैंक दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन या अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलते हैं तो ED आगे पूछताछ और कानूनी कार्रवाई कर सकती है।

अभी क्या-क्या स्पष्ट नहीं है?

ED की छापेमारी के बाद कई सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

  • लोहरदगा में तलाशी के दौरान क्या बरामद हुआ?
  • क्या कोई डिजिटल डिवाइस या महत्वपूर्ण दस्तावेज मिला?
  • क्या किसी बैंक खाते या वित्तीय लेनदेन की जानकारी सामने आई?
  • क्या कथित फंडिंग का संबंध RSS कार्यालय हमले से स्थापित होता है?
  • क्या इस मामले में और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा?
  • क्या जांच का दायरा दूसरे राज्यों या विदेश तक बढ़ेगा?

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में लोहरदगा की कार्रवाई से हुई किसी विशिष्ट बरामदगी का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा सामने नहीं आया है।

आगे क्या?

रांची RSS कार्यालय पेट्रोल बम मामले में अब पुलिस और NIA की जांच के साथ ED की वित्तीय जांच भी चल रही है। चार राज्यों में हुई तलाशी के बाद जांच एजेंसियां कथित पैसों के लेनदेन और संपर्कों को जोड़ने में जुटी हैं।

अब सबसे ज्यादा नजर लोहरदगा और अन्य ठिकानों से मिले डिजिटल व वित्तीय साक्ष्यों पर रहेगी। यदि इन साक्ष्यों से किसी कथित फंडिंग चैनल की पुष्टि होती है, तो जांच आगे नए लोगों, खातों और ठिकानों तक पहुंच सकती है। फिलहाल यह जांच जारी है और सामने आने वाले आधिकारिक साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

Md Asif Equbal

WordPress Author Profile

इस लेखक की अन्य खबरें →
शेयर करें:FacebookWhatsAppXGoogle NewsGoogle Preferences

कमेंट करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *