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Bihar Bridge Accident: वैशाली में पुल निर्माण का लॉन्चर गिरा, 8 मजदूर घायल, 2 की हालत गंभीर, कैसे हुआ हादसा?

वैशाली के लालगंज में पुल निर्माण के दौरान गिरा लॉन्चिंग गर्डर
वैशाली के लालगंज में निर्माणाधीन पुल पर लॉन्चर गिरने के बाद मौके पर राहत-बचाव कार्य।

Vaishali Bridge Accident: बिहार के वैशाली जिले में निर्माणाधीन पुल पर बड़ा हादसा सामने आया। लालगंज इलाके के जलालपुर में पुल निर्माण के दौरान भारी-भरकम लॉन्चिंग गर्डर/लॉन्चर अचानक असंतुलित होकर नीचे गिर गया। हादसे की चपेट में आने से कई मजदूर घायल हो गए। अलग-अलग रिपोर्टों में घायलों की संख्या 7 से 8 बताई गई है। कुछ रिपोर्टों में दो मजदूरों की हालत गंभीर होने की जानकारी सामने आई है।

पुल निर्माण के दौरान कैसे हुआ हादसा?

यह हादसा NH-139W के बाकरपुर-माणिकपुर सेक्शन में निर्माणाधीन पुल के पास हुआ। यह परियोजना भारतमाला कार्यक्रम से जुड़ी है और निर्माण कार्य NHAI की निगरानी में चल रहा था। अधिकारियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब पुल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले लॉन्चिंग गर्डर को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा था।

बताया गया कि लॉन्चर को शिफ्ट करने के दौरान तकनीकी समस्या के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद भारी मशीन और निर्माणाधीन हिस्से का एक भाग नीचे आ गिरा। मौके पर मौजूद मजदूर इसकी चपेट में आ गए।

अचानक मची अफरा-तफरी

भारी मशीन के गिरते ही निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद कर्मचारियों और लोगों ने तत्काल राहत-बचाव शुरू किया। घायल मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

The New Indian Express ने जिला प्रशासन के हवाले से बताया कि सात मजदूर घायल हुए थे और उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया गया। जिला प्रशासन के अनुसार शुरुआती तौर पर घायलों की चोटें मामूली बताई गई थीं।

वहीं, कुछ स्थानीय रिपोर्टों में कुल 8 मजदूरों के घायल होने और दो की हालत गंभीर होने की जानकारी दी गई है। गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किए जाने की बात भी सामने आई है।

लॉन्चर शिफ्टिंग के दौरान बिगड़ा संतुलन

हादसे की प्रारंभिक वजह के तौर पर लॉन्चिंग गर्डर में तकनीकी समस्या और शिफ्टिंग के दौरान संतुलन बिगड़ना सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, NHAI के एक अधिकारी ने इसे लॉन्चिंग गर्डर सिस्टम में तकनीकी समस्या से जोड़ा।

हालांकि, हादसे की अंतिम और विस्तृत वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि दुर्घटना के पीछे सिर्फ तकनीकी खराबी थी या इसके साथ सुरक्षा व्यवस्था, मशीन की स्थिति अथवा निर्माण प्रक्रिया से जुड़े अन्य कारण भी जिम्मेदार थे।

क्या पुल के मुख्य ढांचे को नुकसान पहुंचा?

NHAI की ओर से जारी जानकारी के अनुसार हादसे में पुल के मुख्य ढांचे को नुकसान नहीं हुआ। हादसा निर्माण के दौरान लॉन्चर को शिफ्ट करने के क्रम में हुआ था। NHAI ने घटना के बाद साइट पर सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल की दोबारा समीक्षा किए जाने की बात कही।

इसका मतलब यह है कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक घटना को पूरे पुल के ढहने के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि निर्माण के दौरान इस्तेमाल हो रही लॉन्चिंग मशीन और उससे जुड़े हिस्से के गिरने की घटना के तौर पर देखा जा रहा है।

जांच के घेरे में निर्माण स्थल की सुरक्षा

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर उठ रहा है। भारी लॉन्चिंग मशीन को शिफ्ट करते समय किस तरह की सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई गई थी, मशीन की तकनीकी जांच कब हुई थी और उस समय मजदूरों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया था या नहीं—इन तमाम बिंदुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।

NHAI ने कहा है कि घटना की समीक्षा की जा रही है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को सख्ती से दोबारा जांचा जाएगा।

घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी

इस हादसे में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में घायलों की संख्या एक जैसी नहीं है। कुछ रिपोर्टों में 6 घायल, कुछ में 7 घायल, जबकि कुछ में 8 मजदूरों के घायल होने की जानकारी दी गई है।

इसी तरह दो मजदूरों की स्थिति गंभीर होने की जानकारी भी कुछ स्थानीय रिपोर्टों में दी गई है। इसलिए अंतिम संख्या और घायलों की स्थिति के लिए जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक अपडेट को प्राथमिक आधार माना जाना चाहिए।

हादसे ने फिर उठाए निर्माण सुरक्षा पर सवाल

वैशाली की यह घटना बिहार में बड़े निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। पुल और हाईवे निर्माण में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनरी के संचालन के दौरान छोटी तकनीकी गड़बड़ी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

ऐसे में मशीनों की नियमित तकनीकी जांच, प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती, कार्यस्थल पर सुरक्षा घेरा और मजदूरों के लिए निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन बेहद महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

वैशाली के लालगंज में निर्माणाधीन पुल पर लॉन्चिंग गर्डर गिरने की घटना में कई मजदूर घायल हुए। आधिकारिक शुरुआती जानकारी में सात घायलों का उल्लेख है, जबकि अन्य रिपोर्टों में संख्या आठ और दो मजदूरों की हालत गंभीर बताई गई है। प्रारंभिक तौर पर हादसे को लॉन्चर शिफ्टिंग के दौरान तकनीकी समस्या और संतुलन बिगड़ने से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।


Md Asif Equbal
Md Asif Equbalhttps://avatarnews.in
Md Asif Equbal, Avatar News के पत्रकार और लेखक हैं। झारखंड, बिहार और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों, स्थानीय मुद्दों और जनहित से जुड़े समाचारों पर उनकी रिपोर्ट पढ़ें।
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