महागामा के ग्लोबल अल्ट्रासाउंड सेंटर में पुरुष द्वारा जांच करने का आरोप, स्टिंग वीडियो से उठे सवाल
महागामा (गोड्डा)। झारखंड के गोड्डा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। महागामा स्थित ग्लोबल अल्ट्रासाउंड सेंटर में कथित तौर पर एक पुरुष व्यक्ति द्वारा अल्ट्रासाउंड जांच किए जाने का आरोप लगा है। इस पूरे घटनाक्रम का स्टिंग ऑपरेशन वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और जांच केंद्र के संचालन पर सवाल उठने लगे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को स्थानीय पत्रकार आदित्य आनंद की तबीयत खराब होने पर वे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महागामा पहुंचे थे। यहां चिकित्सक ने उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। इसके बाद वे महागामा के ग्लोबल अल्ट्रासाउंड सेंटर पहुंचे।
सेंटर में अल्ट्रासाउंड करने वाली चिकित्सक के रूप में डॉ. शिप्रा शिवानी का नाम दर्ज बताया गया। जांच के बाद जारी रिपोर्ट पर भी उन्हीं का नाम अंकित होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, आरोप है कि जांच के दौरान महिला चिकित्सक के बजाय एक पुरुष व्यक्ति अल्ट्रासाउंड करता हुआ सामने आया।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया गया, जो अब स्टिंग ऑपरेशन के रूप में सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर अल्ट्रासाउंड जांच किस व्यक्ति ने की और क्या संबंधित व्यक्ति के पास इस जांच को करने की वैध योग्यता एवं आवश्यक अनुमति थी?
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पर दर्ज है महिला चिकित्सक का नाम
इस मामले में ग्लोबल अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट पर डॉ. शिप्रा शिवानी का नाम दर्ज बताया जा रहा है। ऐसे में जांच की वास्तविक प्रक्रिया और रिपोर्ट जारी करने की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित जांच किसने की थी, रिपोर्ट किसके द्वारा सत्यापित की गई और क्या सेंटर में अल्ट्रासाउंड संचालन से जुड़े सभी नियमों का पालन किया जा रहा है।
डॉ. शिप्रा शिवानी की ड्यूटी को लेकर भी सवाल
मामले में यह जानकारी भी सामने आ रही है कि डॉ. शिप्रा शिवानी की ड्यूटी गोड्डा सदर अस्पताल में भी बताई जा रही है। ऐसे में संबंधित तारीख और समय के ड्यूटी रिकॉर्ड की जांच जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित समय पर उनकी ड्यूटी कहां थी और क्या वे ग्लोबल अल्ट्रासाउंड सेंटर में मौजूद थीं?
हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना अभी बाकी है।
स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग
अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण चिकित्सकीय जांच में योग्य व्यक्ति की भूमिका और मरीज की सुरक्षा बेहद जरूरी है। ऐसे में महागामा के ग्लोबल अल्ट्रासाउंड सेंटर से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जांच के दौरान सेंटर के पंजीकरण, मशीन संचालन की अनुमति, संबंधित व्यक्ति की शैक्षणिक योग्यता, ड्यूटी रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया की पड़ताल जरूरी है।
फिलहाल, सामने आए स्टिंग वीडियो और रिपोर्ट को लेकर स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक पक्ष का इंतजार है। अब देखना होगा कि गोड्डा के सिविल सर्जन और जिला स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कब संज्ञान लेते हैं और जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है।
Avatar News इस मामले से जुड़े संबंधित पक्षों का आधिकारिक जवाब मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
Md Asif Equbal, Avatar News के पत्रकार और लेखक हैं। झारखंड, बिहार और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों, स्थानीय मुद्दों और जनहित से जुड़े समाचारों पर उनकी रिपोर्ट पढ़ें।
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