FLASH NEWS
बसंतराय SBI में ₹50 हजार की कथित ठगी: CCTV फुटेज का इंतजार, टेक्निकल टीम करेगी जांचझारखंड: नक्सल नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, 2.20 करोड़ के इनामी असीम मंडल पर शिकंजा; अब दो कैडर की तलाशझारखंड: चक्रधरपुर में महिला पर्यवेक्षिका की हत्या, किराए के मकान में धारदार हथियार से वार; आरोपी हिरासत मेंझारखंड में RSS कार्यालय पेट्रोल बम केस में ED का बड़ा एक्शन, लोहरदगा में सैफ-अमन के घर छापेमारी; 4 राज्यों तक फैली जांचबिहार में पहली बार महिला IPS को DGP का प्रभार, कौन हैं प्रीता वर्मा जो संभालेंगी राज्यभर की पुलिस की कमान?ब्लड चाहिए तो बस एक कॉल: झारखंड में शुरू होगी नई व्यवस्था, रांची में बनेगा कमांड सेंटरबसंतराय SBI में ₹50 हजार की कथित ठगी: CCTV फुटेज का इंतजार, टेक्निकल टीम करेगी जांचझारखंड: नक्सल नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, 2.20 करोड़ के इनामी असीम मंडल पर शिकंजा; अब दो कैडर की तलाशझारखंड: चक्रधरपुर में महिला पर्यवेक्षिका की हत्या, किराए के मकान में धारदार हथियार से वार; आरोपी हिरासत मेंझारखंड में RSS कार्यालय पेट्रोल बम केस में ED का बड़ा एक्शन, लोहरदगा में सैफ-अमन के घर छापेमारी; 4 राज्यों तक फैली जांचबिहार में पहली बार महिला IPS को DGP का प्रभार, कौन हैं प्रीता वर्मा जो संभालेंगी राज्यभर की पुलिस की कमान?ब्लड चाहिए तो बस एक कॉल: झारखंड में शुरू होगी नई व्यवस्था, रांची में बनेगा कमांड सेंटर

बिहार की जनता बाढ़ से त्रस्त, CM सम्राट दीया जलवाने में व्यस्त? PM मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ को लेकर सियासी घमासान

Google पर Avatar News
पोस्ट ऑडियोखबर सुनने के लिए बटन दबाएँ
अवतार न्यूज़ संवाददाता

बिहार बाढ़ के बीच PM मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’, CM सम्राट चौधरी पर विपक्ष के सवाल

Bihar News: बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के जेपी गंगा पथ यानी मरीन ड्राइव पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां हजारों दीये जलाए गए। इसी बीच जनसुराज समेत विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया कि जब राज्य के कई हिस्से बाढ़ से प्रभावित हैं, तब सरकार और सत्तारूढ़ दल की प्राथमिकता क्या होनी चाहिए।

बाढ़ के बीच ‘आशीर्वाद का दीया’ पर सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन 17 सितंबर 2026 को मनाया गया। इस अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। बिहार में भी भाजपा और सरकार से जुड़े नेताओं ने लोगों से दीप जलाने की अपील की।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए लोगों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की। रिपोर्टों के मुताबिक बिहार में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने की योजना है। इसके तहत दीप प्रज्वलन के साथ-साथ सेवा और जनसमस्या समाधान से जुड़े कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।

लेकिन इसी दौरान बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा। जनसुराज ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन के वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच दीया जलाने के अभियान को प्राथमिकता क्यों दी जा रही है।

जनसुराज ने क्या कहा?

जनसुराज की ओर से सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि बिहार के लोग बाढ़ की परेशानी झेल रहे हैं और ऐसे समय में नेताओं की ओर से दीया जलाने की अपील की जा रही है।

पार्टी ने यह सवाल भी उठाया कि जिन परिवारों के सामने भोजन, दवा, सुरक्षित आवास और राहत सामग्री जैसी जरूरतें हैं, उनके लिए सरकार की प्राथमिकता क्या होनी चाहिए। जनसुराज ने अपने पोस्ट में बाढ़ प्रभावित लोगों की तत्काल जरूरतों को सामने रखा।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये जनसुराज के राजनीतिक आरोप और सवाल हैं। इन्हें सरकार की ओर से स्वीकार किए गए तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

पटना मरीन ड्राइव पर CM सम्राट चौधरी ने जलाए दीये

17 सितंबर की शाम पटना के जेपी गंगा पथ यानी मरीन ड्राइव पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई नेता इस कार्यक्रम में शामिल हुए और हजारों दीये जलाए गए।

इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन और ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जोड़ा गया। भाजपा और सरकार की ओर से अभियान को सेवा, जनभागीदारी और विभिन्न कार्यक्रमों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य भी जारी

इस विवाद के बीच यह तथ्य भी सामने आया है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्वलन कार्यक्रम से पहले पटना के बिंद टोली में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चल रहे सामुदायिक रसोई केंद्र का निरीक्षण किया था। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने वहां भोजन की व्यवस्था और उपलब्धता की जानकारी ली तथा बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की।

वहीं, बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों को लेकर केंद्र तथा राज्य स्तर पर गतिविधियां भी जारी हैं। रिपोर्टों में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के 16 सितंबर को बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे और राहत कार्यों की समीक्षा का भी उल्लेख है।

शिक्षा विभाग के कथित निर्देश पर भी विवाद

‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान को लेकर एक कथित सरकारी निर्देश की भी चर्चा हुई है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक जहानाबाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से जुड़े एक दस्तावेज में 17 सितंबर को शाम के समय स्कूलों और कॉलेजों में दीप जलाने तथा कार्यक्रम की तस्वीरें-वीडियो साझा करने से संबंधित निर्देश का उल्लेख था।

हालांकि इस दस्तावेज की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी। इसलिए इसे आधिकारिक रूप से प्रमाणित आदेश के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

पप्पू यादव ने भी सरकार पर उठाए सवाल

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पत्र के आधार पर दावा किया कि जब बिहार के कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, तब शिक्षकों को इस अभियान में शामिल करने की बात कही जा रही है।

उनके अनुसार इस समय बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। उनके बयान भी राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में ही देखे जाने चाहिए।

विपक्ष के सवालों के बीच सरकार का कार्यक्रम

पूरे विवाद को दो अलग-अलग हिस्सों में समझना जरूरी है। एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा की ओर से देशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ और अन्य सेवा कार्यक्रम आयोजित किए गए। दूसरी तरफ बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार के कार्यक्रमों और प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से बताया गया है कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत ‘सरकार आपके द्वार’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं के समाधान और आगे विकास कार्यों पर जोर देने की बात कही गई है।

क्यों गरमाया मामला?

बिहार में बाढ़ और प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम एक ही समय पर होने के कारण राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई। विपक्ष ने जहां इसे बाढ़ पीड़ितों की प्राथमिक जरूरतों से जोड़कर सरकार से सवाल किए, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से जन्मदिन कार्यक्रम को सेवा और जनभागीदारी अभियान का हिस्सा बताया गया है।

इसलिए फिलहाल विवाद का मुख्य मुद्दा ‘दीया जलाने का कार्यक्रम बनाम बाढ़ राहत की प्राथमिकता’ है। अलग-अलग राजनीतिक दल इस मुद्दे को अपने-अपने नजरिए से उठा रहे हैं।

बिहार में बाढ़ के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जबकि जनसुराज और अन्य विपक्षी नेताओं ने बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति का हवाला देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।

वहीं, मुख्यमंत्री की ओर से बाढ़ राहत से जुड़े सामुदायिक रसोई केंद्र के निरीक्षण और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आगे जनसेवा कार्यक्रम चलाने की बात भी सामने आई है। ऐसे में इस पूरे विवाद को समझने के लिए राजनीतिक आरोपों के साथ-साथ राहत एवं प्रशासनिक गतिविधियों को अलग-अलग देखना जरूरी है।

कमेंट करें

अपनी राय साझा करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Md Asif Equbal
लेखक के बारे में

Md Asif Equbal

Md Asif Equbal, Avatar News के पत्रकार और लेखक हैं। झारखंड, बिहार और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों, स्थानीय मुद्दों और जनहित से जुड़े समाचारों पर उनकी रिपोर्ट पढ़ें।

लेखक की सभी खबरें देखें →