पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपियों ने अपनी पहचान और गतिविधियों को छिपाने की कोशिश की थी। हालांकि, इलाके में लगे अलग-अलग सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को खंगालने के बाद जांचकर्ताओं को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। फुटेज में दिखाई दे रहे टेंपो की पहचान करना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
50 कैमरों की फुटेज ने खोला राज: टेंपो के जरिए दरिंदों तक पहुंची पुलिस, किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार
50 कैमरों की फुटेज से जुड़ीं घटनाओं की कड़ियां
घटना के बाद पुलिस टीम ने आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को व्यवस्थित तरीके से खंगाला। एक कैमरे की फुटेज से मिली जानकारी को दूसरे कैमरे की रिकॉर्डिंग से मिलाया गया। इस तरह पुलिस ने किशोरी की आवाजाही और संदिग्धों की गतिविधियों का संभावित रूट तैयार किया।
जांच के दौरान करीब 50 कैमरों की फुटेज की जांच की गई। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर रिकॉर्ड हुए वाहनों, लोगों और गतिविधियों का मिलान किया। इसी प्रक्रिया में एक टेंपो पुलिस की जांच के केंद्र में आया।
टेंपो ने खोला जांच का अहम सुराग
पुलिस के अनुसार, टेंपो की गतिविधियों से जुड़े सुराग मिलने के बाद जांच टीम ने वाहन और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ शुरू की और मामले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया।
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस चार संदिग्ध आरोपियों तक पहुंची। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब मामले में अन्य संभावित साक्ष्यों को भी जुटा रही है।
सामूहिक दुष्कर्म और हत्या से इलाके में सनसनी
किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए कई स्तरों पर टीमें लगाईं। तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध जानकारी को जांच का आधार बनाया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा रहा है, ताकि आरोपियों के खिलाफ अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।
पुलिस की जांच अभी जारी
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की जांच पूरी नहीं हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि घटना में गिरफ्तार आरोपियों की क्या भूमिका थी और वारदात से पहले तथा बाद में उनकी गतिविधियां क्या थीं।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ के अलावा घटनास्थल और संबंधित स्थानों से मिले साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।
जांच में सीसीटीवी बना अहम हथियार
इस मामले ने एक बार फिर यह दिखाया है कि शहरी और कस्बाई इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरे गंभीर अपराधों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। करीब 50 कैमरों की फुटेज को जोड़कर पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों का रूट तैयार किया और अंततः चार आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
नोट: यौन अपराध से जुड़े मामलों में पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन प्रतिबंधित है। इसलिए खबर में पीड़िता की पहचान से संबंधित कोई व्यक्तिगत विवरण प्रकाशित नहीं किया गया है।
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