पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही मामले में अप्राथमिकी अभियुक्त मौके से फरार हो गया। पुलिस अब फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
गोड्डा में कोढ़ा गैंग का खुलासा: 50 हजार रुपये की लूट का पुलिस ने किया उद्भेदन, कटिहार से 45 हजार बरामद
रामनगर के पास हुई थी 50 हजार रुपये की लूट
मामला गोड्डा नगर थाना क्षेत्र के रामनगर के समीप का है, जहां लूट की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की और अपराधियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया।
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर टीम ने बिहार के कटिहार जिले में दबिश दी। पुलिस के अनुसार, जांच की कड़ी कोढ़ा थाना क्षेत्र के नयाटोला यानी जुराबगंज तक पहुंची।
तकनीकी साक्ष्य के आधार पर कटिहार पहुंची पुलिस
लूटकांड के उद्भेदन के लिए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। प्राप्त जानकारी और सुरागों के आधार पर पुलिस टीम ने कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र में छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने नयाटोला (जुराबगंज) स्थित तरुण यादव के घर से 45 हजार रुपये बरामद किए। पुलिस के मुताबिक यह रकम लूट की घटना से जुड़ी बताई जा रही है। बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाया है।
हालांकि पुलिस के पहुंचने की जानकारी मिलते ही अप्राथमिकी अभियुक्त मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।
आरोपी के खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार, फरार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामले दर्ज बताए गए हैं।
आरोपी के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस उसकी गतिविधियों और अन्य संभावित आपराधिक मामलों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गोड्डा की घटना में आरोपी की भूमिका किस स्तर तक रही और उसके साथ अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
कोढ़ा गैंग को लेकर पुलिस की जांच तेज
कोढ़ा गैंग का नाम देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली चोरी और लूट की घटनाओं के संदर्भ में सामने आता रहा है। ऐसे में गोड्डा में हुई इस घटना में कोढ़ा क्षेत्र से जुड़े संदिग्धों की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस की जांच और महत्वपूर्ण हो गई है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था और क्या इस गिरोह के अन्य सदस्य भी गोड्डा या आसपास के जिलों में सक्रिय हैं।
एसडीपीओ आकाश भारद्वाज ने दी जानकारी
मामले को लेकर एसडीपीओ आकाश भारद्वाज ने प्रेस वार्ता कर पुलिस की कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने बिहार के कटिहार जिले में छापेमारी की थी।
छापेमारी के दौरान 45 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। वहीं, मामले में अप्राथमिकी अभियुक्त पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही उसके आपराधिक इतिहास और दूसरे मामलों से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की कोशिश है कि लूटकांड में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और घटना के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस के लिए बरामदगी बनी अहम कड़ी
50 हजार रुपये की लूट के मामले में 45 हजार रुपये की बरामदगी को पुलिस जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है। तकनीकी साक्ष्य, बरामद रकम और आरोपी के आपराधिक इतिहास के आधार पर पुलिस मामले की आगे की कड़ियां जोड़ रही है।
फिलहाल मुख्य संदिग्ध के फरार होने के कारण उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए प्राथमिकता बनी हुई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में घटना में शामिल अन्य लोगों और लूट की पूरी साजिश के संबंध में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
नोट: पुलिस जांच के दौरान सामने आए आरोपों और आपराधिक रिकॉर्ड को न्यायालय में अंतिम रूप से साबित होना बाकी है।
कमेंट करें
अपनी राय साझा करें