पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान आरोपी की निशानदेही पर एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। वहीं, घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस ने दो जिंदा गोलियां और दो खोखे भी जब्त किए हैं। बरामद हथियार और कारतूस को पुलिस ने मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किया है।
गोड्डा में जमीन विवाद में गोलीकांड, 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार; पिस्टल और कारतूस बरामद
जमीन विवाद के बाद सामने आया गोलीकांड
मामला मोतिया ओपी क्षेत्र से जुड़ा है, जहां जमीन विवाद को लेकर अनिल मंडल को गोली मारने की घटना सामने आई थी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ घटना में शामिल आरोपी की तलाश शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी की और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी संतोष मंडल उर्फ गुड्डू मंडल के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की निशानदेही पर हथियार बरामद
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और आरोपी की निशानदेही पर एक देशी पिस्टल तथा दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
इसके अलावा पुलिस ने घटनास्थल से भी दो जिंदा गोलियां और दो खोखे बरामद किए हैं। पुलिस अब बरामद हथियार और कारतूस को मामले से जोड़कर आगे की जांच कर रही है।
हथियार की बरामदगी के बाद पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना में बरामद हथियार का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। इसके लिए पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तकनीकी एवं वैज्ञानिक जांच का सहारा ले सकती है।
आरोपी पर पहले से भी आर्म्स एक्ट का मामला
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी संतोष मंडल उर्फ गुड्डू मंडल का आपराधिक रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में है। बताया गया है कि उसके खिलाफ पूर्व में भी आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज रहा है।
पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक मामलों की भी जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जमीन विवाद को लेकर हुए इस घटनाक्रम में आरोपी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी से पुलिस की कार्रवाई तेज
गोलीकांड के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी को जल्द गिरफ्तार करना और घटना में इस्तेमाल हथियार बरामद करना था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना के करीब 24 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। अब मामले में आगे की जांच की जाएगी।
घटनास्थल से मिले जिंदा कारतूस और खोखे
इस मामले में घटनास्थल से बरामद दो जिंदा गोलियां और दो खोखे भी पुलिस जांच के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। जांच एजेंसियां इन साक्ष्यों के आधार पर गोलीबारी की परिस्थितियों और हथियार के इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने की कोशिश करेंगी।
पुलिस बरामद देशी पिस्टल और कारतूस के संबंध में भी आवश्यक जांच कर रही है। यदि जांच में हथियार का घटना से संबंध स्थापित होता है, तो यह मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है।
जमीन विवाद बना गोलीबारी की वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोली मारने की घटना के पीछे जमीन विवाद को वजह बताया जा रहा है। हालांकि विवाद की वास्तविक प्रकृति, जमीन से जुड़े दावे और घटना के पीछे की पूरी वजह पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विवाद कब से चल रहा था और घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार का विवाद या कहासुनी हुई थी या नहीं।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। जांच के दौरान घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका, हथियार के स्रोत और गोलीबारी की पूरी परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कार्रवाई के मुख्य बिंदु
- मोतिया ओपी क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर गोलीबारी का मामला।
- अनिल मंडल को गोली मारने की घटना।
- घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार।
- गिरफ्तार आरोपी की पहचान संतोष मंडल उर्फ गुड्डू मंडल के रूप में।
- आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
- आरोपी की निशानदेही पर एक देशी पिस्टल बरामद।
- दो जिंदा कारतूस भी बरामद।
- घटनास्थल से दो जिंदा गोलियां और दो खोखे जब्त।
- आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज होने की जानकारी।
- जमीन विवाद को घटना की वजह बताया जा रहा है।
- पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
नोट: आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप पुलिस जांच और मामले में उपलब्ध साक्ष्यों पर आधारित हैं। अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी को कानूनन निर्दोष माना जाता है।
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