बसंतराय प्रखंड कार्यालय से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां SIR से जुड़े कार्यों के लिए जाति एवं स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र बनवाने को लेकर आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। बड़ी संख्या में लोग अपने जरूरी कागजात लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन प्रमाण-पत्र बनवाने को लेकर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से 27 अगस्त 2026 को एक पत्र जारी किया गया है, जिसमें जाति, आय, स्थानीय निवासी और EWS प्रमाण-पत्र ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन निर्गत करने की अनुमति दी गई है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पत्र जारी होने की तिथि से अगले तीन माह तक आय, स्थानीय निवासी एवं EWS प्रमाण-पत्र ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी निर्गत किए जा सकते हैं। साथ ही लंबित आवेदनों को मिशन मोड में जांच करते हुए नियमानुसार प्रमाण-पत्र निर्गत करने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने का निर्देश भी दिया गया है।
बसंतराय में SIR के लिए ऑफलाइन जाति-निवासी प्रमाणपत्र पर विवाद, सरकारी आदेश के बावजूद जनता परेशान
लेकिन सवाल यह है कि जब सरकार की ओर से ऑफलाइन प्रमाण-पत्र जारी करने की अनुमति दी गई है, तो बसंतराय प्रखंड में लोगों को ऑफलाइन जाति एवं निवासी प्रमाण-पत्र के लिए परेशानी क्यों उठानी पड़ रही है? स्थानीय लोगों का कहना है कि बसंतराय प्रखंड के अलग-अलग हल्का क्षेत्रों में एक जाति एवं निवासी प्रमाण-पत्र बनवाने में एक महीने से भी ज्यादा समय लग जाता है। ऐसे में SIR से जुड़े काम के लिए लोगों को प्रमाण-पत्र की जरूरत है और इसी वजह से प्रखंड कार्यालय में लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।
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लोगों का आरोप है कि प्रखंड कार्यालय में दिन के समय संबंधित हल्का कर्मचारी को ढूंढना भी मुश्किल हो जाता है। एक तरफ कार्यालय में जाति और निवासी प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है, तो दूसरी तरफ कर्मचारी के उपलब्ध नहीं रहने से लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि कैथपुरा पंचायत के हल्का कर्मचारी आवेदन फॉर्म पर हस्ताक्षर कर रहे हैं, जबकि हल्का कर्मचारी शिवशंकर ठाकुर द्वारा आवेदन पर हस्ताक्षर करने से इनकार किए जाने की बात सामने आई है।
इसी मामले को लेकर धपरा पंचायत के मुखिया आलमगीर आलम ने जनता की सहायता करते हुए भरोसा दिलाया है कि सभी लोगों का जाति एवं निवासी प्रमाण-पत्र बनेगा और जिन लोगों के ऊपर नोटिस जारी हुआ है, उनका भी प्रमाण-पत्र बनाया जाएगा। लेकिन लोगों का कहना है कि जब वे अपना आवेदन लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचे तो ऑफलाइन प्रमाण-पत्र बनाने से साफ तौर पर इनकार कर दिया गया और कर्मचारी कार्यालय से बाहर चले गए।
वहीं, जब इस पूरे मामले को लेकर बसंतराय के BDO श्रीमान मरांडी से बातचीत की गई तो उनका कहना है कि ऑफलाइन नहीं, बल्कि ऑनलाइन जाति एवं निवासी प्रमाण-पत्र बनवाया जाए। अब इसी बात को लेकर आम लोगों के बीच सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर जिला और प्रखंड स्तर पर स्थिति क्या है? सरकार के पत्र में ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन प्रमाण-पत्र जारी करने की अनुमति दी गई है, तो फिर बसंतराय में ऑफलाइन प्रमाण-पत्र को लेकर लोगों को किस आधार पर मना किया जा रहा है?
लोगों की मांग है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले का संज्ञान ले और स्पष्ट करे कि SIR से जुड़े कार्यों के लिए ऑफलाइन जाति एवं निवासी प्रमाण-पत्र की व्यवस्था बसंतराय में लागू है या नहीं। क्योंकि सवाल सिर्फ एक प्रमाण-पत्र का नहीं है, सवाल उन आम लोगों का है जो कई दिनों से कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं और अपने जरूरी सरकारी काम को पूरा कराने के लिए परेशान हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और बसंतराय की जनता को इस समस्या से कब राहत मिलती है।
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