बसंतराय संवाददाता: गोपीचक स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शाखा में पिछले करीब दो महीनों से फील्ड ऑफिसर का पद खाली रहने के कारण कृषि ऋण सहित विभिन्न ऋण संबंधी कार्य प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। फील्ड ऑफिसर के नहीं होने से क्षेत्र के किसान, ग्रामीण और अन्य जरूरतमंद ग्राहक अपने लोन से जुड़े कार्यों को लेकर परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण बड़ी संख्या में किसान खेती-किसानी के लिए बैंक से कृषि ऋण पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में बैंक शाखा में फील्ड ऑफिसर की अनुपस्थिति का सीधा असर किसानों…
गोपीचक SBI शाखा में फील्ड ऑफिसर का पद खाली, कृषि ऋण समेत कई कार्य दो माह से प्रभावित
के ऋण संबंधी काम पर पड़ रहा है। कई ग्राहक अपने आवेदन और ऋण प्रक्रिया की जानकारी लेने के लिए बार-बार बैंक पहुंच रहे हैं। करीब दो महीने से खाली है फील्ड ऑफिसर का पद ग्रामीणों के अनुसार गोपीचक एसबीआई शाखा में लगभग दो महीने से फील्ड ऑफिसर उपलब्ध नहीं हैं। फील्ड ऑफिसर की जिम्मेदारी कृषि ऋण और अन्य ऋण संबंधी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में संबंधित अधिकारी के नहीं रहने से कई ग्राहकों के काम समय पर आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वे अपनी जरूरत के मुताबिक कृषि ऋण या अन्य कर्ज के लिए बैंक शाखा में आवेदन और जानकारी लेने पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें फील्ड ऑफिसर के उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्य प्रभावित होने की जानकारी दी जाती है। इस स्थिति के कारण किसानों को समय और पैसे दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। दूर-दराज के गांवों से बैंक पहुंचने वाले ग्राहकों को कई बार वापस लौटना पड़ता है और दोबारा बैंक आने की स्थिति बन रही है। कृषि ऋण लेने वाले किसानों की बढ़ी परेशानी बसंतराय क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं। किसानों को खेती के लिए बीज, खाद, सिंचाई, कृषि उपकरण और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक ऋण की आवश्यकता होती है। ऐसे में कृषि ऋण की प्रक्रिया प्रभावित होने से किसानों के सामने परेशानी बढ़ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि खेती का काम समय के अनुसार चलता है और यदि जरूरत के समय ऋण उपलब्ध नहीं हो पाता है तो इसका असर कृषि कार्य पर भी पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि बैंक से मिलने वाले कृषि ऋण से उन्हें खेती की आवश्यक जरूरतें पूरी करने में मदद मिलती है। इसलिए शाखा में फील्ड ऑफिसर की नियमित उपलब्धता जरूरी है, ताकि ऋण संबंधी प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। बैंक जाने के बाद ग्राहकों को मिल रही है यही जानकारी ग्रामीणों के मुताबिक वे जब अपने ऋण संबंधी कार्य को लेकर गोपीचक एसबीआई शाखा पहुंचते हैं तो उन्हें फील्ड ऑफिसर के नहीं होने के कारण कार्य प्रभावित होने की जानकारी दी जाती है। ग्राहकों का कहना है कि वे अपने दस्तावेज और अन्य जरूरी कागजात लेकर बैंक पहुंचते हैं, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब दो महीने से यह स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था या फील्ड ऑफिसर की नियुक्ति नहीं की गई तो समस्या और बढ़ सकती है। कई ऋण आवेदन लंबित होने की बात ग्रामीणों ने बताया कि फील्ड ऑफिसर के अभाव में कई लोगों के ऋण संबंधी आवेदन लंबित पड़े हुए हैं। इनमें कृषि ऋण के अलावा अन्य प्रकार के ऋण से जुड़े मामले भी शामिल होने की बात कही जा रही है। ग्राहकों का कहना है कि बैंक में ऋण के लिए आवेदन करने के बाद उन्हें प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना पड़ रहा है। समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण जरूरतमंद लोगों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, लंबित आवेदनों की वास्तविक संख्या कितनी है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। किसानों ने वरीय अधिकारियों से लगाई गुहार गोपीचक क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों ने भारतीय स्टेट बैंक के वरीय अधिकारियों से मामले में जल्द संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि शाखा में जल्द से जल्द फील्ड ऑफिसर की नियुक्ति की जाए या तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, जिससे ऋण संबंधी कार्य बाधित न हों। ग्रामीणों का कहना है कि बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और किसानों तथा छोटे कारोबारियों के लिए ऋण की सुविधा बेहद जरूरी है। ऐसे में अधिकारी के पद के लंबे समय तक खाली रहने से ग्राहकों को परेशानी होना चिंता का विषय है। समय पर हो ऋण संबंधी कार्य, तभी किसानों को मिलेगी राहत ग्रामीणों का कहना है कि कृषि कार्य मौसम और समय पर निर्भर करता है। किसानों को जब खेती के लिए पैसे की आवश्यकता होती है, उसी समय यदि ऋण प्रक्रिया में देरी होती है तो उन्हें कठिनाई हो सकती है। इसलिए किसानों ने बैंक प्रबंधन और वरीय अधिकारियों से मांग की है कि समस्या का जल्द समाधान किया जाए और ऋण संबंधी कार्यों को सामान्य रूप से संचालित कराया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि गोपीचक एसबीआई शाखा में फील्ड ऑफिसर की नियुक्ति कर कृषि ऋण समेत अन्य ऋण संबंधी प्रक्रियाओं को गति दी जाए, ताकि क्षेत्र के किसानों और ग्राहकों को बार-बार बैंक का चक्कर न लगाना पड़े। क्या कहते हैं ग्रामीण? ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी जरूरत के लिए बैंक पर निर्भर हैं। कृषि ऋण और अन्य लोन के लिए बैंक पहुंचने के बाद यदि संबंधित अधिकारी उपलब्ध नहीं रहते हैं तो ग्राहकों को काफी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने कहा कि करीब दो महीने से बनी इस समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए। उन्होंने बैंक के वरीय अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए। गोपीचक एसबीआई शाखा में फील्ड ऑफिसर के पद के करीब दो महीने से खाली रहने की शिकायत के बाद क्षेत्र के किसानों और ग्रामीण ग्राहकों की परेशानी सामने आई है। कृषि ऋण समेत विभिन्न ऋण संबंधी कार्य प्रभावित होने से जरूरतमंद लोगों को बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अब ग्रामीणों की नजर बैंक के वरीय अधिकारियों की कार्रवाई पर है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही शाखा में फील्ड ऑफिसर की नियुक्ति होगी और लंबित ऋण संबंधी कार्यों को गति मिलेगी। नोट: इस खबर में ग्रामीणों द्वारा बताई गई समस्या और मांग को आधार बनाया गया है। फील्ड ऑफिसर के पद की स्थिति एवं लंबित ऋण आवेदनों की आधिकारिक संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
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