Homeदिल्लीDelhi News: खिलौना पिस्तौल दिखाकर की थी डेढ़ करोड़ की लूट

Delhi News: खिलौना पिस्तौल दिखाकर की थी डेढ़ करोड़ की लूट

दिल्ली के गीता कॉलोनी फ्लाईओवर पर डेढ़ करोड़ रुपये की लूट का मामला
गीता कॉलोनी फ्लाईओवर लूट मामले में दिल्ली पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया और करीब एक करोड़ रुपये बरामद किए।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास हुई इस वारदात में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से करीब 1 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। वारदात में इस्तेमाल की गई हथियार जैसी वस्तु भी बरामद हुई है, जो जांच में पिस्तौल के आकार का खिलौना लाइटर निकली।

मामले की जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि वारदात अचानक नहीं हुई थी, बल्कि कैश की आवाजाही पर पहले से नजर रखी जा रही थी। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्यों ने इलाके की रेकी करने के बाद मौका देखकर कैश ले जा रहे कर्मचारियों को निशाना बनाया था।

7 सितंबर की शाम गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास हुई थी लूट

पुलिस के मुताबिक, घटना 7 सितंबर 2026 की शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास आउटर रिंग रोड पर हुई। शिकायतकर्ता अपने एक सहयोगी के साथ ऑटो-रिक्शा में चांदनी चौक से सफदरजंग एन्क्लेव की ओर जा रहा था। दोनों के पास बड़ी मात्रा में नकदी थी।

पुलिस की जांच में सामने आया कि नकदी दो बैगों में रखी गई थी और कुल रकम करीब 3 करोड़ रुपये थी। दोनों बैगों में लगभग 1.5-1.5 करोड़ रुपये थे। बदमाशों ने इनमें से एक बैग को निशाना बनाया और करीब डेढ़ करोड़ रुपये लेकर फरार हो गए।

बाइक से पहुंचे थे तीन बदमाश

पुलिस के अनुसार, जब ऑटो गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास पहुंचा, तभी काली स्प्लेंडर बाइक पर सवार तीन लोगों ने ऑटो को रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने पिस्तौल जैसी वस्तु दिखाकर ऑटो में बैठे दोनों लोगों को डराया।

धमकी के बाद बदमाश नकदी से भरा एक बैग लेकर बाइक से आईटीओ की तरफ फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ितों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी और जांच शुरू हुई।

असली पिस्तौल नहीं था हथियार, खिलौना लाइटर निकला

इस केस का सबसे दिलचस्प पहलू जांच के दौरान सामने आया। वारदात के समय आरोपियों ने जिस हथियार जैसी वस्तु से पीड़ितों को डराया था, उसमें से एक पिस्तौल के आकार का लाइटर निकला।

यानी आरोपियों ने ऐसी वस्तु का इस्तेमाल किया जो देखने में असली पिस्तौल जैसी लगती थी और इसी के सहारे उन्होंने कैश ले जा रहे लोगों को भयभीत किया। पुलिस ने जांच के दौरान इस हथियारनुमा वस्तु को बरामद किया है।

वारदात से पहले की गई थी कैश की रेकी

जांच में पुलिस को यह संकेत मिला कि लूट की पूरी घटना पहले से योजनाबद्ध थी। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्यों ने चांदनी चौक इलाके में नकदी की आवाजाही पर नजर रखी और संभावित शिकार की पहचान की।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के कथित मास्टरमाइंड को करोल बाग इलाके में अकाउंटेंट के रूप में काम करने का अनुभव था। इस वजह से उसे कारोबारियों और नकदी की आवाजाही से जुड़ी जानकारी थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी जानकारी का इस्तेमाल लूट की योजना बनाने में किया गया।

पुलिस ने CCTV और तकनीकी जांच से जोड़े तार

लूट की सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की गई।

जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस को आरोपियों के बारे में सुराग मिले और अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की गई। इसके बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पांच आरोपी गिरफ्तार, छठा आरोपी फरार

पुलिस के मुताबिक इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में सूरज पांडे, आदर्श तिवारी, दीपक गोस्वामी, रिंकू और संदीप शामिल हैं। पुलिस ने इन आरोपियों को दिल्ली के अलावा दूसरे राज्यों से भी पकड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक सूरज पांडे को आनंद विहार बस टर्मिनल से पकड़ा गया, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से हुई।

कथित मास्टरमाइंड रिंकू पर क्या आरोप है?

जांच अधिकारियों के अनुसार, 27 वर्षीय रिंकू इस पूरी वारदात का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। वह बीकॉम स्नातक है और पहले करोल बाग में अकाउंटेंट के तौर पर काम कर चुका है।

पुलिस का आरोप है कि रिंकू ने कैश की आवाजाही की जानकारी जुटाई और गिरोह के दूसरे सदस्यों को संभावित टारगेट की रेकी करने के लिए लगाया। इसके बाद वारदात को अंजाम देने के लिए अलग-अलग लोगों की भूमिका तय की गई।

हालांकि, ये सभी आरोप पुलिस जांच पर आधारित हैं। आरोपियों के खिलाफ अंतिम दोषसिद्धि अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।

किराए के कमरे में बांटी गई थी लूट की रकम

जांच से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी एक किराए के कमरे में इकट्ठा हुए और लूट की रकम को आपस में बांटने की कोशिश की। पुलिस ने जांच के दौरान लूट की रकम से जुड़े लेनदेन और सामान की खरीदारी के बारे में भी जानकारी जुटाई।

पुलिस ने कथित तौर पर लूट की रकम से खरीदी गई नई मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और अन्य सामान भी बरामद किया है।

करीब 1 करोड़ रुपये बरामद

पुलिस की कार्रवाई में अब तक करीब 1 करोड़ रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल बाइक, मोबाइल फोन, कपड़े, जूते और हथियार जैसी दिखने वाली वस्तु भी बरामद होने की बात सामने आई है।

डेढ़ करोड़ रुपये की लूट में करीब एक करोड़ रुपये की बरामदगी के बाद अब पुलिस के सामने मुख्य चुनौती बाकी रकम का पता लगाना और फरार आरोपी को गिरफ्तार करना है।

पुलिस के सामने अब क्या हैं बड़े सवाल?

इस मामले में जांच अभी जारी है। पुलिस मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर आगे कार्रवाई कर रही है:

  • लूटी गई बाकी रकम कहां है?
  • फरार आरोपी की भूमिका क्या थी?
  • गिरोह में कुल कितने लोग शामिल थे?
  • कैश की आवाजाही की सटीक जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची?
  • क्या आरोपियों ने इससे पहले भी ऐसी किसी वारदात को अंजाम दिया था?
  • लूट की रकम का इस्तेमाल किन चीजों को खरीदने में किया गया?
  • वारदात में इस्तेमाल की गई अन्य हथियारनुमा वस्तु की वास्तविक प्रकृति क्या थी?

पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इन सवालों के जवाब तलाश रही है।

डेढ़ करोड़ की लूट ने खड़े किए सुरक्षा से जुड़े सवाल

दिल्ली जैसे महानगर में इतनी बड़ी मात्रा में नकदी के परिवहन के दौरान हुई यह वारदात सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करती है। खास तौर पर तब, जब पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले से कैश की आवाजाही पर नजर रखी थी।

इस केस में एक और महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि असली हथियार के बजाय खिलौना पिस्तौल/पिस्तौलनुमा लाइटर दिखाकर भी आरोपियों ने पीड़ितों को डराने में सफलता हासिल की। इससे पता चलता है कि किसी वस्तु का वास्तविक हथियार होना ही हमेशा भय पैदा करने के लिए पर्याप्त नहीं होता—उसका दिखने में हथियार जैसा होना भी वारदात के दौरान इस्तेमाल किया जा सकता है।

निष्कर्ष

दिल्ली के गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास हुई डेढ़ करोड़ रुपये की लूट की जांच में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब एक करोड़ रुपये बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, वारदात की योजना पहले से बनाई गई थी और कैश की आवाजाही की रेकी के बाद ऑटो को रोककर नकदी से भरा बैग लूटा गया। आरोपियों ने पीड़ितों को डराने के लिए पिस्तौलनुमा वस्तु का इस्तेमाल किया, जो जांच में खिलौना लाइटर निकली। अब पुलिस बाकी रकम की बरामदगी और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।

नोट: इस खबर में आरोपियों की भूमिका और बरामदगी से संबंधित विवरण पुलिस तथा मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान आरोपों की पुष्टि या खंडन न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।

✍️ रिपोर्टर: मो. आसिफ इकबाल
📍 नई दिल्ली | Avatar News

Md Asif Equbal
Md Asif Equbalhttps://avatarnews.in
Md Asif Equbal, Avatar News के पत्रकार और लेखक हैं। झारखंड, बिहार और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों, स्थानीय मुद्दों और जनहित से जुड़े समाचारों पर उनकी रिपोर्ट पढ़ें।
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