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1.70 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति, 5 ठिकानों पर एक साथ रेड! बिहार के इस अधिकारी पर बड़ी कार्रवाई

Bihar EOU Raid: बिहार में आर्थिक अपराध के खिलाफ कार्रवाई के दौरान आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने किशनगंज के नगर थाना अध्यक्ष और इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन से जुड़े पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई थी। प्रारंभिक जांच में उनकी ज्ञात आय के मुकाबले करीब 1.70 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने का आरोप सामने आया।

पटना से किशनगंज और छपरा तक एक साथ तलाशी

आर्थिक अपराध इकाई की अलग-अलग टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई शुरू की। रिपोर्टों के मुताबिक, तलाशी पटना, किशनगंज और सारण/छपरा से जुड़े पांच ठिकानों पर की गई।

किशनगंज में EOU की टीम ने इंस्पेक्टर के आवास और उनके चैंबर की तलाशी ली। वहीं सारण जिले के भेल्दी थाना क्षेत्र के पैगा गांव स्थित पैतृक आवास पर भी दस्तावेजों की जांच की गई। पटना के रामकृष्णानगर इलाके में स्थित आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया गया।

इस कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने संपत्ति, जमीन-जायदाद, वित्तीय लेनदेन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों से संबंधित रिकॉर्ड खंगाले।

1.70 करोड़ रुपये की संपत्ति का क्या है मामला?

EOU के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अभिषेक कुमार रंजन की ज्ञात आय और उनकी कथित संपत्ति के बीच बड़ा अंतर सामने आया। रिपोर्टों में यह अंतर करीब 1 करोड़ 70 लाख 22 हजार रुपये बताया गया है।

जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह संपत्ति उनकी वैध आय से लगभग 128 प्रतिशत अधिक बताई गई। इसी आधार पर आर्थिक अपराध इकाई ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया।

हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि छापेमारी या प्राथमिकी में लगाए गए आरोप अंतिम रूप से दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं होते। संपत्तियों का वास्तविक मूल्य, उनके स्रोत और वैधता जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के दौरान निर्धारित होती है।

किन-किन जगहों पर हुई कार्रवाई?

EOU की कार्रवाई मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में सामने आई—

  • किशनगंज: नगर थाना अध्यक्ष का आवास और कार्यालय/चैंबर
  • पटना: रामकृष्णानगर स्थित आवास
  • सारण: भेल्दी क्षेत्र के पैगा गांव स्थित पैतृक आवास

रिपोर्टों के अनुसार इन स्थानों के अलावा अधिकारी से जुड़े अन्य ठिकानों को मिलाकर कुल पांच परिसरों में तलाशी अभियान चलाया गया।

किशनगंज में थाना से कुछ ही दूरी पर था आवास

किशनगंज में कार्रवाई के दौरान EOU की टीम ने उस आवास और चैंबर की भी तलाशी ली, जहां अधिकारी की तैनाती के दौरान उनका संबंध था। एक रिपोर्ट के अनुसार, आवास नगर थाना से करीब 50 मीटर की दूरी पर बताया गया।

टीम ने वहां उपलब्ध कागजात और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। कार्रवाई के दौरान पुलिस महकमे में भी इसे लेकर चर्चा तेज हो गई।

पैतृक घर में भी खंगाले गए दस्तावेज

सारण जिले के भेल्दी थाना क्षेत्र के पैगा गांव में स्थित पैतृक आवास भी EOU की कार्रवाई के दायरे में था। यहां जांच टीम ने संपत्ति और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की।

आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसियां आमतौर पर जमीन, मकान, बैंक खातों, निवेश, वाहन और अन्य आर्थिक संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की तुलना अधिकारी की ज्ञात आय से करती हैं।

मामला दर्ज कर आगे बढ़ी जांच

रिपोर्ट के मुताबिक, आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 05/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।

इस तरह की जांच का उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि अधिकारी की घोषित और ज्ञात आय के मुकाबले संपत्ति में कितना अंतर है और संबंधित संपत्तियों का स्रोत क्या है।

17 साल की पुलिस सेवा का भी जिक्र

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अभिषेक कुमार रंजन वर्ष 2009 में बिहार पुलिस सेवा में पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर नियुक्त हुए थे और बाद में पदोन्नति के बाद 2023 में पुलिस निरीक्षक बने। सेवा के दौरान उनकी पोस्टिंग बिहार के अलग-अलग जिलों में रही।

किशनगंज में नगर थाना अध्यक्ष के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ EOU की यह कार्रवाई सामने आई।

पहले भी किशनगंज में EOU की कार्रवाई

यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई जब किशनगंज में पुलिस अधिकारियों से जुड़े आर्थिक मामलों की जांच को लेकर EOU सक्रिय थी। इससे पहले किशनगंज के SDPO गौतम कुमार से जुड़े मामले में भी आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई की खबर सामने आई थी।

इस वजह से इंस्पेक्टर अभिषेक रंजन से जुड़े मामले ने भी खास ध्यान खींचा।

अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?

इस मामले में आगे की जांच में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर फोकस रह सकता है—

पहला, अधिकारी की कुल ज्ञात आय कितनी रही और उसके मुकाबले संपत्ति कितनी पाई गई।

दूसरा, जिन जमीनों, मकानों या अन्य संपत्तियों का रिकॉर्ड मिला है, उनका वास्तविक बाजार मूल्य क्या है।

तीसरा, संपत्तियों की खरीद के लिए इस्तेमाल धन का स्रोत क्या था।

चौथा, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन में कोई ऐसा अंतर तो नहीं है जिसे जांच की आवश्यकता हो।

पांचवां, तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मामले को आगे किस दिशा में ले जाते हैं।

अब नजर EOU की अगली रिपोर्ट पर

पांच ठिकानों पर हुई तलाशी के बाद सबसे महत्वपूर्ण जानकारी जांच एजेंसी की विस्तृत रिपोर्ट से सामने आ सकती है। फिलहाल 1.70 करोड़ रुपये से अधिक की आय से संपत्ति के आरोप और पांच परिसरों में हुई तलाशी इस मामले का प्रमुख आधार हैं। संपत्तियों की अंतिम गणना, दस्तावेजों की जांच और उनके स्रोतों को लेकर तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

Avatar News की नजर अब इस मामले में EOU की अगली कार्रवाई, बरामद दस्तावेजों और जांच की आधिकारिक प्रगति पर रहेगी।

Md Asif Equbal
Md Asif Equbalhttps://avatarnews.in
Md Asif Equbal, Avatar News के पत्रकार और लेखक हैं। झारखंड, बिहार और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों, स्थानीय मुद्दों और जनहित से जुड़े समाचारों पर उनकी रिपोर्ट पढ़ें।
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