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FCI गोदाम से डीलर तक पहुंचने से पहले PDS राशन की ढुलाई पर सवाल, ट्रैक्टर पर ओवरलोडिंग और लोगों की मौजूदगी की तस्वीर आई सामने

​बसंतराय प्रखंड क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले राशन की ढुलाई व्यवस्था को लेकर एक तस्वीर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रखंड के FCI गोदाम से जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों तक राशन पहुंचाने के दौरान ट्रैक्टर पर क्षमता से अधिक सामान के साथ लोगों की मौजूदगी तस्वीर में दिखाई दे रही है। ऐसे में राशन की सुरक्षित और निर्धारित मात्रा में ढुलाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

बताया जाता है कि FCI गोदाम से डीलर की दुकान तक राशन पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर के माध्यम से चावल की ढुलाई की जाती है। स्थानीय डीलरों की ओर से पहले भी राशन में कमी या रास्ते में अनाज चोरी होने की शिकायत किए जाने की बात सामने आती रही है। डीलरों का सवाल है कि यदि गोदाम से दुकान तक पहुंचने के दौरान राशन की मात्रा में कमी होती है, तो उस कमी की भरपाई आखिर कौन करेगा?

डीलरों की शिकायत और व्यवस्था पर सवाल

डीलरों का कहना है कि जब उन्हें निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराया जाता है, तो गोदाम से दुकान तक पहुंचने के दौरान उसकी पूरी मात्रा सुरक्षित रहना जरूरी है। यदि रास्ते में किसी स्तर पर अनाज की कमी होती है, तो इसका सीधा असर डीलरों पर पड़ सकता है और उन्हें उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में राशन देने में परेशानी हो सकती है।

इसी बीच सामने आई तस्वीर में ट्रैक्टर पर राशन के साथ एक व्यक्ति के सवार होने का दृश्य दिखाई दे रहा है। ट्रैक्टर पर सामान का लोड भी सामान्य से अधिक नजर आ रहा है। हालांकि, तस्वीर के आधार पर यह कहना संभव नहीं है कि राशन की मात्रा में वास्तव में कोई कमी हुई या अनाज की चोरी हुई है। इसके लिए संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड की जरूरत होगी।

अधिकारी के पुराने बयान से भी उठे सवाल

मामले को लेकर पहले जिम्मेदार अधिकारी से बातचीत के दौरान यह बताया गया था कि ट्रैक्टर पर किसी व्यक्ति के सवार होकर जाने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अब सामने आई तस्वीर में ट्रैक्टर पर व्यक्ति के मौजूद होने से व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि विभागीय व्यवस्था के अनुसार राशन ढुलाई के दौरान ट्रैक्टर पर लोगों के सवार होने की अनुमति नहीं है, तो फिर ऐसी स्थिति सामने कैसे आई? क्या गोदाम से राशन निकलने के बाद उसकी ढुलाई की निगरानी की जाती है? क्या वाहन की ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच होती है? और यदि रास्ते में राशन की मात्रा कम होने की शिकायत मिलती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय की जाती है?

जिम्मेदार अधिकारियों से जांच की मांग

PDS राशन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण खाद्यान्न व्यवस्था का हिस्सा है। इसलिए गोदाम से डीलर तक राशन पहुंचने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित होना जरूरी है। सामने आई तस्वीर के बाद स्थानीय स्तर पर संबंधित विभाग से पूरे मामले की जांच कर व्यवस्था को स्पष्ट करने की मांग उठ रही है।

अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस तस्वीर और डीलरों की ओर से सामने आ रही शिकायतों को लेकर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या यह स्पष्ट किया जाता है कि FCI गोदाम से डीलरों तक राशन पहुंचाने के दौरान निर्धारित नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।

Md Asif Equbal
Md Asif Equbalhttps://avatarnews.in
Md Asif Equbal, Avatar News के पत्रकार और लेखक हैं। झारखंड, बिहार और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों, स्थानीय मुद्दों और जनहित से जुड़े समाचारों पर उनकी रिपोर्ट पढ़ें।
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