दुमका। जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित कफ सिरप और अल्प्राजोलम टैबलेट के कथित अवैध कारोबार का पुलिस ने खुलासा किया है। गुप्त सूचना के आधार पर…
दुमका। जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित कफ सिरप और अल्प्राजोलम टैबलेट के कथित अवैध कारोबार का पुलिस ने खुलासा किया है। गुप्त सूचना के आधार पर जरमुंडी एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं को बरामद किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद इस अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों को लेकर जांच तेज कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सरैयाहाट थाना क्षेत्र के चरकापाथर गांव में प्रतिबंधित दवाओं का भंडारण किया गया है। सूचना के आधार पर जरमुंडी एसडीपीओ ने पुलिस टीम के साथ कार्रवाई की और चरकापाथर गांव स्थित बिजली कैंप के पास एक मकान में छापेमारी की।
मकान से पांच कार्टून प्रतिबंधित दवा बरामद
पुलिस की तलाशी के दौरान मकान से प्रतिबंधित दवाओं से भरे पांच कार्टून बरामद किए गए। बताया जा रहा है कि इस मकान को कुछ लोगों ने किराये पर लिया था। मकान में इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं के मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच शुरू की।
छापेमारी के दौरान बरामद दवाओं में कफ सिरप और अल्प्राजोलम टैबलेट शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन दवाओं को मकान तक किस माध्यम से पहुंचाया गया और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
पूछताछ के बाद देवघर में भी छापेमारी
सरैयाहाट क्षेत्र में कार्रवाई के बाद पुलिस ने पूछताछ और जांच से मिली जानकारी के आधार पर देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र में भी छापेमारी की। पुलिस टीम ने बलथर गांव में कार्रवाई करते हुए वहां से भी पांच कार्टून कफ सिरप बरामद किया।
इस तरह दुमका के सरैयाहाट और देवघर के मोहनपुर थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस को प्रतिबंधित दवाओं की बड़ी खेप हाथ लगी।
1710 बोतल कफ सिरप और 7200 अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त
पुलिस की कार्रवाई में कुल 1710 बोतल कफ सिरप और 7200 अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद किए गए हैं। बरामद दवाओं की अनुमानित कीमत करीब चार लाख रुपये बताई जा रही है।
इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं की बरामदगी के बाद पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दवाओं की खेप कहां से लाई गई थी और इसे आगे किन इलाकों में पहुंचाया जाना था।
सप्लाई नेटवर्क और खरीदारों की तलाश
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रतिबंधित दवाओं के इस कारोबार के पीछे कौन लोग हैं और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां दवाओं के संभावित सप्लायर, स्टॉक करने वाले लोगों और संभावित खरीदारों की जानकारी जुटा रही हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या बरामद दवाओं की सप्लाई केवल दुमका और देवघर तक सीमित थी या इसके तार आसपास के अन्य जिलों से भी जुड़े हुए हैं।
मामले की जांच के दौरान पुलिस किराये के मकान से जुड़े लोगों, दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़े संभावित व्यक्तियों और खेप के स्रोत के बारे में जानकारी जुटा रही है। पूछताछ और जांच के आधार पर आगे और भी कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
दो जिलों में कार्रवाई से मचा हड़कंप
एक ही जांच के दौरान दुमका और देवघर जिले के अलग-अलग इलाकों में प्रतिबंधित दवाओं की बरामदगी ने अवैध दवा कारोबार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि दोनों स्थानों से बरामद दवाओं के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं।
फिलहाल पुलिस ने बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं को जब्त कर लिया है और मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। दवाओं के अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए पुलिस संभावित कड़ियों को जोड़ रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास जारी है।
सरैयाहाट के चरकापाथर से शुरू हुई पुलिस की कार्रवाई देवघर के मोहनपुर थाना क्षेत्र तक पहुंची और इस दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप एवं अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद किए गए। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि इस नेटवर्क का मुख्य स्रोत कौन है और इन दवाओं को किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
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