बसंतराय प्रखंड कार्यालय परिसर में जगह-जगह गंदगी का आलम देखने को मिल रहा है। सबसे खराब स्थिति परिसर में बने शौचालय की बताई जा रही है। शौचालय की स्थिति देखकर वहां आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सवाल यह उठता है कि जब लोगों को स्वच्छता का संदेश देने वाला प्रखंड कार्यालय परिसर ही साफ-सफाई के मामले में बदहाल हो, तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था का क्या संदेश जाएगा? प्रखंड परिसर में जगह-जगह दीवारों…
बसंतराय प्रखंड कार्यालय की बदहाली पर सवाल: परिसर में गंदगी और शौचालय की खराब व्यवस्था से परेशान लोग
बसंतराय प्रखंड कार्यालय परिसर में जगह-जगह गंदगी का आलम देखने को मिल रहा है। सबसे खराब स्थिति परिसर में बने शौचालय की बताई जा रही है। शौचालय की स्थिति देखकर वहां आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सवाल यह उठता है कि जब लोगों को स्वच्छता का संदेश देने वाला प्रखंड कार्यालय परिसर ही साफ-सफाई के मामले में बदहाल हो, तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था का क्या संदेश जाएगा?
प्रखंड परिसर में जगह-जगह दीवारों पर “आप सीसीटीवी की निगरानी में हैं” और “थूकते हुए पकड़े जाने पर 1000 रुपये जुर्माना लिया जाएगा” जैसे संदेश लिखे हुए हैं। इन संदेशों के जरिए लोगों को परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और गंदगी नहीं फैलाने की चेतावनी दी गई है।
लेकिन दूसरी ओर परिसर की वास्तविक स्थिति इन नियमों और चेतावनियों पर ही सवाल खड़े कर रही है। जब प्रखंड परिसर में ही जगह-जगह गंदगी नजर आ रही है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इस गंदगी के लिए जिम्मेदारी किसकी है? अगर आम लोगों द्वारा थूकने या गंदगी फैलाने पर 1000 रुपये का जुर्माना निर्धारित है, तो सरकारी परिसर में फैली गंदगी और सफाई व्यवस्था की अनदेखी के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी?
नियम सिर्फ आम जनता के लिए या कर्मचारियों पर भी लागू?
प्रखंड कार्यालय के विभिन्न हिस्सों में कर्मचारियों के कार्यालय और खिड़कियों के आसपास की स्थिति भी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती नजर आती है। परिसर में लगे स्वच्छता संबंधी संदेशों के बीच कर्मचारियों के कार्यालयों के आसपास की स्थिति देखकर यह सवाल उठता है कि स्वच्छता के नियम क्या सिर्फ आम जनता के लिए हैं या सरकारी कर्मचारियों और कार्यालय परिसर पर भी समान रूप से लागू होते हैं?
जब आम नागरिकों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी जाती है और जुर्माने का प्रावधान बताया जाता है, तो प्रशासनिक कार्यालयों में भी उन्हीं नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
लगातार खबरों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि बसंतराय प्रखंड कार्यालय की साफ-सफाई और बदहाल व्यवस्था को लेकर पहले भी विभिन्न समाचार माध्यमों और अखबारों में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है। इससे लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर लगातार खबर प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस दिशा में ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया?
प्रखंड कार्यालय आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण सरकारी केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने विभिन्न सरकारी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में परिसर की साफ-सफाई, शौचालय की व्यवस्था और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
अब सवाल अधिकारियों से
बसंतराय प्रखंड परिसर की बदहाल स्थिति को लेकर अब लोगों की नजर जिम्मेदार अधिकारियों पर है। क्या प्रखंड परिसर की नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था की जा रही है? यदि की जा रही है तो परिसर में इतनी गंदगी क्यों नजर आ रही है? शौचालय की सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है? परिसर में लगे 1000 रुपये जुर्माने वाले नियम को वास्तव में कितनी बार लागू किया गया? और यदि नियम लागू है तो क्या सरकारी कर्मचारियों पर भी वही नियम लागू होता है?
स्वच्छता का संदेश तभी प्रभावी होगा जब उसे सिर्फ दीवारों पर लिखने के बजाय जमीन पर भी लागू किया जाए। अब देखना होगा कि बसंतराय प्रखंड प्रशासन इस बदहाल व्यवस्था को लेकर कब गंभीरता दिखाता है और प्रखंड परिसर की सफाई व्यवस्था में कब तक सुधार होता है।
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