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गोड्डा में हर माह 150 से 180 यूनिट रक्त उपलब्ध कराने पर जोर, थैलेसीमिया मरीजों को मिलेगा नि:शुल्क रक्त

​गोड्डा। जिले में रक्त की उपलब्धता को बेहतर बनाने और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन ने हर माह 150 से 180 यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य तय करने पर जोर दिया है। उपायुक्त ने प्रेस वार्ता के दौरान रक्तदान को बढ़ावा देने और जिले में नियमित रक्त संग्रह की व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रशासन की ओर से विशेष रूप से थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों को नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराने की पहल पर जोर दिया गया है। ऐसे मरीजों को नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता होती है, इसलिए उनके लिए पर्याप्त रक्त भंडार बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।

अडाणी, ईसीएल, बैंक और संस्थानों में लगेंगे रक्तदान शिविर

जिले में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े औद्योगिक संस्थानों, प्रतिष्ठानों, बैंकों और अन्य संस्थाओं के सहयोग से नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने पर जोर दिया गया है। इस अभियान में अडाणी, ईसीएल, बैंक तथा विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक संस्थानों को शामिल करने की योजना है, ताकि अलग-अलग स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा सके।

प्रशासन का उद्देश्य केवल एक-दो बड़े शिविरों तक रक्तदान अभियान को सीमित रखना नहीं, बल्कि इसे नियमित गतिविधि के रूप में आगे बढ़ाना है। इसके लिए संस्थानों से समन्वय स्थापित कर निर्धारित अंतराल पर रक्तदान शिविर आयोजित करने की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया है।

ग्राम प्रधानों के माध्यम से ग्रामीणों को किया जाएगा जागरूक

रक्तदान को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता बढ़ाने की योजना है। इसके लिए ग्राम प्रधानों के माध्यम से ग्रामीणों को रक्तदान के महत्व की जानकारी दी जाएगी। लोगों को समझाया जाएगा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

प्रशासन का मानना है कि यदि ग्रामीण स्तर पर भी नियमित रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ती है, तो जिले में रक्त की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।

रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र और उपहार देकर किया जाएगा प्रोत्साहित

रक्तदान करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें प्रमाण-पत्र और उपहार देकर सम्मानित करने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं और आम नागरिकों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना है।

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि स्वस्थ और पात्र नागरिक आगे आकर रक्तदान अभियान का हिस्सा बनें तथा जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए अपना योगदान दें।

नियमित रक्त संग्रह पर प्रशासन का फोकस

उपायुक्त ने कहा कि जिले में रक्त की उपलब्धता को बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों और संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। नियमित रक्तदान शिविरों के माध्यम से रक्त संग्रह बढ़ाने के साथ-साथ जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है।

खासकर थैलेसीमिया जैसे मामलों में मरीजों को लगातार रक्त की जरूरत पड़ती है। ऐसे मरीजों को ध्यान में रखते हुए जिले में पर्याप्त रक्त उपलब्ध रखने और जरूरत के समय नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराने की दिशा में पहल को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

प्रशासन की इस पहल से उम्मीद है कि जिले में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा मिलेगा और आपात स्थिति में मरीजों को रक्त के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

Md Asif Equbalhttps://avatarnews.in
Md Asif Equbal, Avatar News के पत्रकार और लेखक हैं। झारखंड, बिहार और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों, स्थानीय मुद्दों और जनहित से जुड़े समाचारों पर उनकी रिपोर्ट पढ़ें।

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