भुवनेश्वर। ओडिशा के पारादीप तट से करीब 444 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी में पनामा-ध्वज वाला मालवाहक जहाज MV Ocean Winner डूब गया। जहाज पर कुल 24 क्रू सदस्य सवार थे। हादसे के बाद भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना ने बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया है। अब तक दो नाविकों को सुरक्षित बचाया गया है, जबकि 22 सदस्य अभी भी लापता हैं। जानकारी के मुताबिक MV Ocean Winner पारादीप बंदरगाह से लौह अयस्क लेकर रवाना…
ओडिशा तट के पास Ocean Winner जहाज डूबा, 22 नाविक लापता
भुवनेश्वर। ओडिशा के पारादीप तट से करीब 444 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी में पनामा-ध्वज वाला मालवाहक जहाज MV Ocean Winner डूब गया। जहाज पर कुल 24 क्रू सदस्य सवार थे। हादसे के बाद भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना ने बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया है। अब तक दो नाविकों को सुरक्षित बचाया गया है, जबकि 22 सदस्य अभी भी लापता हैं।
जानकारी के मुताबिक MV Ocean Winner पारादीप बंदरगाह से लौह अयस्क लेकर रवाना हुआ था। विभिन्न आधिकारिक एवं मीडिया रिपोर्टों में इसके गंतव्य को लेकर सिंगापुर और चीन दोनों का उल्लेख किया गया है। इसलिए इस संबंध में अंतिम आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। जहाज करीब 225 मीटर लंबा था और इसमें बड़ी मात्रा में लौह अयस्क लदा हुआ था।
जहाज के समुद्र में आगे बढ़ने के दौरान शुक्रवार को उससे संपर्क टूट गया। इसके बाद समुद्री निगरानी प्रणाली में भी जहाज की स्थिति का पता नहीं चल पाया। शनिवार को संकट संबंधी सूचना मिलने के बाद भारतीय समुद्री बचाव एजेंसियों ने तत्काल खोज अभियान शुरू किया।
24 सदस्य थे सवार, 22 अब भी लापता
MV Ocean Winner पर कुल 24 क्रू सदस्य मौजूद थे। भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार इनमें 20 चीनी नागरिक, 3 म्यांमार के नागरिक और 1 बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। बचाए गए दो नाविकों को लाइफ राफ्ट से सुरक्षित निकाला गया।
बचाव अभियान के दौरान भारतीय नौसेना के P-8I समुद्री निगरानी विमान ने लाइफ राफ्ट का पता लगाया। इसके बाद आसपास मौजूद वाणिज्यिक जहाज MT Aisopos को बचाव अभियान में लगाया गया और उसने दो नाविकों को लाइफ राफ्ट से सुरक्षित बाहर निकाला। दोनों को चिकित्सकीय सहायता दी जा रही है।
आठ मिनट में डूब गया जहाज!
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, बचाए गए दो नाविकों ने अधिकारियों को बताया कि जहाज में शुक्रवार को अचानक एक तरफ झुकाव यानी ‘लिस्ट’ विकसित हुआ और इसके बाद जहाज करीब आठ मिनट के भीतर डूब गया। हालांकि जहाज के इतनी तेजी से डूबने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक जांच अभी जारी है।
अधिकारियों ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि जहाज के डूबने के पीछे तकनीकी खराबी, समुद्री परिस्थितियां, कार्गो के खिसकने या कोई अन्य कारण था। दुर्घटना के वास्तविक कारण का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने बढ़ाया अभियान
हादसे की गंभीरता को देखते हुए भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने संयुक्त रूप से सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है। भारतीय तटरक्षक बल ने ICGS Varad और ICGS Anmol को खोज अभियान में लगाया है, जबकि ICGS Vijit को भी श्री विजयपुरम से अभियान में शामिल किया गया है। समुद्र में मौजूद अन्य जहाजों को भी लापता नाविकों की तलाश में सहयोग करने के लिए सतर्क किया गया है।
भारतीय नौसेना का P-8I विमान समुद्री क्षेत्र में निगरानी कर रहा है। राहत एवं बचाव दल लाइफ राफ्ट, नाविकों और जहाज के संभावित मलबे की तलाश में समुद्र के बड़े हिस्से को खंगाल रहे हैं।
करीब 700 किलोमीटर दूर समुद्री क्षेत्र में अभियान
रिपोर्टों के अनुसार हादसे का स्थान पारादीप से लगभग 230 से 240 नॉटिकल मील, यानी करीब 425 से 444 किलोमीटर दूर समुद्र में है। यह क्षेत्र तट से काफी दूर और गहरे समुद्र में होने के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि लापता नाविक समुद्र में लाइफ राफ्ट या किसी अन्य सहारे पर हैं या नहीं, इसका पता जल्द से जल्द लगाया जाए। समुद्र में समय बीतने के साथ बचाव अभियान की चुनौती बढ़ती जाती है, इसलिए नौसेना और तटरक्षक बल लगातार हवाई और समुद्री निगरानी कर रहे हैं।
घटना की जांच भी शुरू होगी
फिलहाल जहाज के डूबने की परिस्थितियों को लेकर पूरी तस्वीर साफ नहीं हुई है। समुद्री प्रशासन और संबंधित एजेंसियां जहाज के आखिरी संपर्क, उसके ट्रैकिंग डेटा, चालक दल के बयानों और मौसम एवं समुद्री परिस्थितियों की जांच करेंगी।
सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता फिलहाल 22 लापता नाविकों को खोजकर सुरक्षित बचाना है। भारतीय एजेंसियां आसपास के समुद्री क्षेत्र में लगातार अभियान चला रही हैं और दूसरे जहाजों को भी खोज अभियान में सहयोग के लिए लगाया गया है।
हादसे की मुख्य बातें
- जहाज: MV Ocean Winner
- ध्वज: पनामा
- स्थान: बंगाल की खाड़ी, पारादीप से करीब 444 किमी दूर
- क्रू: 24 सदस्य
- लापता: 22
- बचाए गए: 2
- क्रू की नागरिकता: 20 चीनी, 3 म्यांमार, 1 बांग्लादेशी
- कार्गो: लौह अयस्क
- बचाव एजेंसियां: भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल
- हवाई निगरानी: P-8I समुद्री निगरानी विमान
- बचाव में सहयोग: MT Aisopos सहित आसपास के वाणिज्यिक जहाज
- जहाज के डूबने का कारण: अभी स्पष्ट नहीं
लापता 22 नाविकों की तलाश के लिए समुद्र में अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों की कोशिश है कि जल्द से जल्द अधिक से अधिक लोगों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
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