FLASH NEWS
ओडिशा तट के पास Ocean Winner जहाज डूबा, 22 नाविक लापतासंग्रामपुर में दुर्गा मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण, ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांगगोड्डा में अंग भारत के नए कार्यालय का शुभारंभ, जनसरोकार की पत्रकारिता को मिलेगी मजबूतीगोड्डा में हाइवा की दो बैटरियां चोरी का खुलासा, देवडाड़ पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तारपुलिस पर पथराव में ASI सत्यजीत यादव घायल, 13 नामजद समेत 25 अज्ञात पर FIRसंवेदक की कथित मनमानी से नवनिर्मित सड़क बनी झील, राहा पंचायत में जलजमाव से ग्रामीण परेशानओडिशा तट के पास Ocean Winner जहाज डूबा, 22 नाविक लापतासंग्रामपुर में दुर्गा मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण, ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांगगोड्डा में अंग भारत के नए कार्यालय का शुभारंभ, जनसरोकार की पत्रकारिता को मिलेगी मजबूतीगोड्डा में हाइवा की दो बैटरियां चोरी का खुलासा, देवडाड़ पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तारपुलिस पर पथराव में ASI सत्यजीत यादव घायल, 13 नामजद समेत 25 अज्ञात पर FIRसंवेदक की कथित मनमानी से नवनिर्मित सड़क बनी झील, राहा पंचायत में जलजमाव से ग्रामीण परेशान

संग्रामपुर में दुर्गा मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण, ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग

पोस्ट ऑडियोखबर सुनने के लिए बटन दबाएँ
अवतार न्यूज़ संवाददाता

महगामा प्रखंड क्षेत्र के संग्रामपुर गांव से बड़ी खबर सामने आ रही है। गांव स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण और उससे जुड़ी जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। खास बात यह है कि इस मामले में गांव के दोनों समुदायों के लोग एक साथ सामने आए हैं और प्रशासन से जल्द से जल्द जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गा मंदिर के आसपास करीब 7…

संग्रामपुर में दुर्गा मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण, ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांगमहगामा प्रखंड क्षेत्र के संग्रामपुर गांव से बड़ी खबर सामने आ रही है। गांव स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण और उससे जुड़ी जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। खास बात यह है कि इस मामले में गांव के दोनों समुदायों के लोग एक साथ सामने आए हैं और प्रशासन से जल्द से जल्द जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गा मंदिर के आसपास करीब 7 बीघा जमीन का एक बड़ा प्लॉट है, जिसका इस्तेमाल वर्षों से गांव के सार्वजनिक, धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के लिए किया जाता रहा है। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार इस जमीन के एक हिस्से पर धीरे-धीरे अतिक्रमण किया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि करीब 30 प्रतिशत जमीन अतिक्रमण की चपेट में आ चुकी है।

बताया जा रहा है कि जमीन के अलग-अलग हिस्सों में लोगों द्वारा निर्माण कार्य भी कर लिया गया है। कुछ स्थानों पर बरामदा सहित अन्य तरह के निर्माण किए जाने की बात ग्रामीणों ने कही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में अतिक्रमण का दायरा और बढ़ सकता है और सार्वजनिक उपयोग की जमीन धीरे-धीरे कम होती चली जाएगी।

ग्रामीणों के मुताबिक इस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए संबंधित विभाग और प्रशासन को कई बार आवेदन दिया जा चुका है। ग्रामीणों ने जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच कराने, सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर सीमांकन कराने और अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी।

ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद विभाग की ओर से जमीन की मापी और नापी के लिए अमीन को भी भेजा गया। जमीन की स्थिति की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ी, लेकिन इसके बावजूद अब तक जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जा सका है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई में हो रही देरी के कारण अतिक्रमणकारियों का हौसला बढ़ सकता है। अगर समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाया तो भविष्य में विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

संग्रामपुर गांव का यह मैदान केवल दुर्गा मंदिर से जुड़ा स्थान ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों के अनुसार गांव के कई महत्वपूर्ण सामाजिक और धार्मिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र भी है।

ग्रामीणों ने बताया कि दुर्गा पूजा और मोहर्रम के अवसर पर इसी मैदान में भव्य मेला और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग शामिल होते हैं।

यही वजह है कि जमीन के अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर मैदान का बड़ा हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में आ गया तो भविष्य में धार्मिक कार्यक्रमों, मेलों और सामाजिक आयोजनों के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचेगी।

ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला किसी एक समुदाय का नहीं है। जमीन गांव के सार्वजनिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण है और इसका उपयोग लंबे समय से सामुदायिक गतिविधियों में होता आया है। इसलिए प्रशासन को पूरे मामले को निष्पक्ष और गंभीरता से लेते हुए जांच करनी चाहिए।

अतिक्रमण के मुद्दे को लेकर गांव के दोनों समुदायों के लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन की मापी हो चुकी है तो अब प्रशासन को आगे की प्रक्रिया में देरी नहीं करनी चाहिए।

ग्रामीणों की मांग है कि राजस्व रिकॉर्ड और जमीन की मापी के आधार पर यह स्पष्ट किया जाए कि कौन-कौन सा हिस्सा अतिक्रमण की जद में है। इसके बाद नियमानुसार अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर सार्वजनिक जमीन को खाली कराया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन अगर समय रहते कार्रवाई करता है तो भविष्य में किसी बड़े विवाद की संभावना को भी रोका जा सकता है।

अंचल अधिकारी ने क्या कहा?

मामले को लेकर महगामा के अंचल अधिकारी खगेश महतो से दूरभाष पर बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि संबंधित जमीन की मापी/नापी का कार्य पूरा कर लिया गया है।

अंचल अधिकारी ने कहा कि अब अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाते हुए जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।

अंचल अधिकारी के इस बयान के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित इस मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई जल्द शुरू होगी।

कार्रवाई का इंतजार कर रहे ग्रामीण

अब पूरे मामले में ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि मापी पूरी होने के बाद यदि अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट हो चुकी है तो अब नोटिस जारी करने और नियमानुसार जमीन खाली कराने की कार्रवाई में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन किसी भी पक्ष के दबाव में आए बिना निष्पक्ष तरीके से जांच और कार्रवाई करे। साथ ही सार्वजनिक और धार्मिक आयोजनों के लिए उपयोग होने वाली जमीन को सुरक्षित रखा जाए, ताकि आने वाले समय में गांव में आयोजित होने वाले दुर्गा पूजा, मोहर्रम, मेला और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में किसी तरह की परेशानी न हो।

फिलहाल, अंचल अधिकारी की ओर से मापी पूरी होने और अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब प्रशासन इस मामले में ठोस कदम उठाएगा और संग्रामपुर गांव के दुर्गा मंदिर प्रांगण से जुड़ी जमीन को नियमानुसार अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन की ओर से नोटिस कब जारी किया जाता है और मापी के बाद सामने आए अतिक्रमण पर कब तक कार्रवाई होती है।


Discover more from अवतार न्यूज

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

खबर अच्छी लगी? ऐसी ही और भी ताज़ा खबरें सबसे पहले पाने के लिए, यहाँ क्लिक करके नोटिफिकेशन चालू कर लें।
शेयर करें:
लेखक के बारे में

Md Asif Equbal

Md Asif Equbal, Avatar News से जुड़े पत्रकार एवं संपादकीय टीम के सदस्य हैं। वे झारखंड, बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों, स्थानीय मुद्दों, जनहित और समसामयिक घटनाओं पर समाचार सामग्री तैयार करते हैं। Avatar News में उनका उद्देश्य तथ्यपरक, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना है।

लेखक की सभी खबरें देखें →

अपनी राय साझा करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *