# अवतार न्यूज़

खबर वही, जो मायने रखे।

- Site: https://avatarnews.in/

## बैंककर्मी लूटकांड के बाद एक्शन मोड में बसंतराय पुलिस, जगह-जगह वाहन चेकिंग तेज

- Link: https://avatarnews.in/bankkarmi-lootkand-ke-baad-basantrai-police-action-mode/
- Published: 2026-10-18T12:10:23+00:00
- Author: Md Asif Equbal

⌊1000758665.webp⌉⌊1000758665.webp⌉​

**बसंतराय​ संवाददाता।** गोड्डा जिले के बसंतराय थाना क्षेत्र में बैंककर्मी हर्ष कुमार
के साथ हुई लूट की घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घटना के बाद बसंतराय पुलिस
एक्शन मोड में नजर आ रही है। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से
क्षेत्र में लगातार छानबीन की जा रही है।

लूट की घटना के बाद थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर **वाहन जांच अभियान** तेज किया
गया है। पुलिस द्वारा दोपहिया और चारपहिया वाहनों को रोककर जांच की जा रही है। खासकर
संदिग्ध गतिविधियों वाले वाहनों और लोगों पर पुलिस की विशेष नजर है। सीमावर्ती क्षेत्र
होने के कारण पुलिस द्वारा आने-जाने वाले वाहनों की गतिविधियों को भी गंभीरता से देखा
जा रहा है।

## सीसीटीवी फुटेज से अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश

घटना के बाद पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के जरिए भी अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास 
कर रही है। क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह
पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के समय घटनास्थल के आसपास कौन-कौन से वाहन 
गुजरे थे और संदिग्ध व्यक्तियों या वाहनों की कोई गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड हुई है
या नहीं।

जांच के दौरान पुलिस घटना से पहले और बाद की गतिविधियों को भी जोड़कर देख रही है, ताकि
अपराधियों के आने-जाने के संभावित रास्ते और उनकी पहचान से जुड़े सुराग मिल सकें।

## शराब दुकानों के आसपास शाम के समय भीड़ को लेकर ग्रामीणों की चिंता

इधर, स्थानीय ग्रामीणों ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों
का कहना है कि बिहार की सीमा से सटे होने के कारण बसंतराय क्षेत्र में शाम के समय कुछ
शराब दुकानों के आसपास लोगों की भीड़ जमा होती है।

ग्रामीणों के मुताबिक, क्षेत्र में संचालित करीब तीन शराब दुकानों के आसपास शाम के 
वक्त लोगों का जमावड़ा देखने को मिलता है। ग्रामीणों का दावा है कि इनमें पड़ोसी राज्य
बिहार से आने वाले लोग भी शामिल होते हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर पुलिस की नियमित निगरानी और शाम के समय
गश्ती बढ़ाई जाए, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना समय रहते पुलिस तक पहुंच सके।

## सीमावर्ती क्षेत्र में गश्ती बढ़ाने की मांग

बसंतराय थाना क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने शाम और रात के समय
पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मुख्य सड़कों के साथ-साथ सीमावर्ती
और सुनसान इलाकों में भी नियमित पेट्रोलिंग होने से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने
में मदद मिल सकती है।

बैंककर्मी के साथ हुई लूट की घटना के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर पुलिस की जांच और
आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है। वाहन जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य संभावित
सुरागों के आधार पर पुलिस अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

### अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

फिलहाल बसंतराय पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस की ओर से अपराधियों की
पहचान और गिरफ्तारी को लेकर प्रयास जारी हैं। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के
आधार पर ही लूट की घटना में शामिल आरोपियों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अब बड़ा सवाल यही है कि **क्या सीसीटीवी फुटेज और वाहन जांच के जरिए पुलिस लूटकांड 
में शामिल अपराधियों तक पहुंच पाती है और आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है?** क्षेत्र
के लोगों को पुलिस की कार्रवाई और मामले के जल्द उद्भेदन का इंतजार है।

## बसंतराय में लगातार लूट और चोरी की घटनाओं से दहशत, आखिर अपराधियों में पुलिस का डर क्यों नहीं?

- Link: https://avatarnews.in/basantrai-sbi-cashier-loot-70000-mobile-bike-godda-2/
- Published: 2026-10-17T15:50:50+00:00
- Author: Md Asif Equbal

![1000758064.webp](https://avatarnews.in/wp-content/uploads/2026/10/1000758064.webp)

** ​बसंतराय संवाददाता।**

### ** गोड्डा** जिले के बसंतराय थाना क्षेत्र में लगातार सामने आ रही लूट और चोरी की घटनाओं ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला एक SBI कैशियर के साथ कथित लूट का है, जहां अपराधियों द्वारा मारपीट कर करीब **70 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और बाइक** लेकर फरार होने की बात सामने आई है। घटना के दौरान हथियार दिखाए जाने की भी जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

बताया जा रहा है कि पीड़ित **गुलशन भगत, पिता राजेश भगत**, SBI में कैशियर के पद पर
मधेपुरा में नियुक्त हैं। उनके साथ हुई इस घटना ने सिर्फ एक व्यक्ति की सुरक्षा पर 
सवाल नहीं खड़ा किया है, बल्कि पूरे बसंतराय थाना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को लेकर
लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बसंतराय थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले लगातार 
क्यों बढ़ते जा रहे हैं? अगर एक के बाद एक लूट और चोरी की घटनाएं सामने आती रहें और
अपराधियों तक पुलिस नहीं पहुंच पाए, तो आम लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर सवाल उठना
स्वाभाविक है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल के दिनों में थाना क्षेत्र में लगातार आपराधिक घटनाएं
सामने आई हैं। **तीन घटनाओं के उद्भेदन को लेकर भी लोगों में सवाल हैं और अब यह चौथी
घटना सामने आने से पुलिस की सक्रियता पर चर्चा तेज हो गई है।** लोगों का कहना है कि
केवल घटना के बाद मौके पर पहुंचना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराध को रोकने के लिए पहले
से प्रभावी निगरानी और गश्ती व्यवस्था जरूरी है।

ग्रामीणों की शिकायत है कि बसंतराय क्षेत्र में मुख्य सड़कों के आसपास कई जगहों पर 
संदिग्ध गतिविधियां देखी जाती हैं। ऐसे स्थानों पर अगर नियमित पुलिस पेट्रोलिंग और 
निगरानी हो, तो अपराधियों की गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। लेकिन
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर पुलिस की मौजूदगी उतनी प्रभावी नजर नहीं
आती, जितनी एक संवेदनशील क्षेत्र में होनी चाहिए।

इस पूरे मामले में प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े होते हैं। **क्या थाना क्षेत्र में
नियमित रात्रि गश्ती पर्याप्त है? क्या संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां निगरानी
की जा रही है? क्या पुराने मामलों की जांच में तेजी लाई गई है? और सबसे अहम सवाल—क्या
अपराधियों के बीच पुलिस का भय वास्तव में कायम है?**

लगातार घटनाओं के बाद अब स्थानीय लोगों में यह चर्चा भी तेज है कि अगर अपराधियों को
समय रहते गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
पुलिस प्रशासन के लिए यह सिर्फ एक और केस नहीं, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर
जनता के भरोसे का सवाल भी है।

लोगों की मांग है कि बसंतराय थाना क्षेत्र में **पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए, मुख्य मार्गों
और संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी की जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई की
जाए और लंबित आपराधिक मामलों की जांच में तेजी लाई जाए।**

वहीं, ताजा लूटकांड में पुलिस से उम्मीद है कि पीड़ित के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों 
के आधार पर अपराधियों की पहचान जल्द की जाएगी और उन्हें गिरफ्तार कर मामले का उद्भेदन
किया जाएगा।

कानून-व्यवस्था सिर्फ घटना होने के बाद कार्रवाई करने का नाम नहीं है। अपराध को रोकने
के लिए पुलिस की सक्रिय मौजूदगी और अपराधियों के बीच कानून का भय होना भी उतना ही जरूरी
है। अब देखना होगा कि **बसंतराय की इस ताजा घटना के बाद प्रशासन कितनी गंभीरता दिखाता
है और अपराधियों तक पुलिस कब पहुंचती है।**

## बसंतराय में लगातार लूट और चोरी की घटनाओं से दहशत, आखिर अपराधियों में पुलिस का डर क्यों नहीं?

- Link: https://avatarnews.in/basantrai-sbi-cashier-loot-70000-mobile-bike-godda/
- Published: 2026-10-17T15:49:54+00:00
- Author: Md Asif Equbal

&nbsp;​बसंतराय संवाददाता। गोड्डा जिले के बसंतराय थाना क्षेत्र में लगातार सामने आ रही लूट और चोरी की घटनाओं ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला एक SBI कैशियर के साथ कथित लूट का है, जहां अपराधियों द्वारा मारपीट कर करीब 70 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और बाइक लेकर फरार होने की बात सामने आई है। घटना के दौरान हथियार दिखाए जाने की भी जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। बताया जा रहा है कि पीड़ित गुलशन भगत, पिता राजेश भगत, SBI में कैशियर के पद पर मधेपुरा में नियुक्त हैं। उनके साथ हुई इस घटना ने सिर्फ एक व्यक्ति की सुरक्षा पर सवाल नहीं खड़ा किया है, बल्कि पूरे बसंतराय थाना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बसंतराय थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले लगातार क्यों बढ़ते जा रहे हैं? अगर एक के बाद एक लूट और चोरी की घटनाएं सामने आती रहें और अपराधियों तक पुलिस नहीं पहुंच पाए, तो आम लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल के दिनों में थाना क्षेत्र में लगातार आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। तीन घटनाओं के उद्भेदन को लेकर भी लोगों में सवाल हैं और अब यह चौथी घटना सामने आने से पुलिस की सक्रियता पर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि केवल घटना के बाद मौके पर पहुंचना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराध को रोकने के लिए पहले से प्रभावी निगरानी और गश्ती व्यवस्था जरूरी है। ग्रामीणों की शिकायत है कि बसंतराय क्षेत्र में मुख्य सड़कों के आसपास कई जगहों पर संदिग्ध गतिविधियां देखी जाती हैं। ऐसे स्थानों पर अगर नियमित पुलिस पेट्रोलिंग और निगरानी हो, तो अपराधियों की गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर पुलिस की मौजूदगी उतनी प्रभावी नजर नहीं आती, जितनी एक संवेदनशील क्षेत्र में होनी चाहिए। इस पूरे मामले में प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े होते हैं। क्या थाना क्षेत्र में नियमित रात्रि गश्ती पर्याप्त है? क्या संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां निगरानी की जा रही है? क्या पुराने मामलों की जांच में तेजी लाई गई है? और सबसे अहम सवाल—क्या अपराधियों के बीच पुलिस का भय वास्तव में कायम है? लगातार घटनाओं के बाद अब स्थानीय लोगों में यह चर्चा भी तेज है कि अगर अपराधियों को समय रहते गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। पुलिस प्रशासन के लिए यह सिर्फ एक और केस नहीं, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर जनता के भरोसे का सवाल भी है। लोगों की मांग है कि बसंतराय थाना क्षेत्र में पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए, मुख्य मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी की जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई की जाए और लंबित आपराधिक मामलों की जांच में तेजी लाई जाए। वहीं, ताजा लूटकांड में पुलिस से उम्मीद है कि पीड़ित के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान जल्द की जाएगी और उन्हें गिरफ्तार कर मामले का उद्भेदन किया जाएगा। कानून-व्यवस्था सिर्फ घटना होने के बाद कार्रवाई करने का नाम नहीं है। अपराध को रोकने के लिए पुलिस की सक्रिय मौजूदगी और अपराधियों के बीच कानून का भय होना भी उतना ही जरूरी है। अब देखना होगा कि बसंतराय की इस ताजा घटना के बाद प्रशासन कितनी गंभीरता दिखाता है और अपराधियों तक पुलिस कब पहुंचती है।

## गोड्डा में चोरी के मामले का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; दो बाइक बरामद

- Link: https://avatarnews.in/godda-police-theft-case-two-accused-arrested/
- Published: 2026-10-17T10:45:14+00:00
- Author: Md Asif Equbal

​ गोड्डा जिले में चोरी के मामलों के उद्भेदन को लेकर पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पथरगामा थाना क्षेत्र और गोड्डा नगर थाना में दर्ज चोरी के मामलों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुलशन कुमार कापरी और आशीष कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के पास से चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बरामद वाहनों में हीरो स्प्लेंडर और यामाहा आर-15 शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मामलों की जांच के क्रम में आरोपियों तक पहुंच बनाई गई और उनके पास से चोरी की बाइक बरामद की गई। दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में पुलिस की जांच आगे भी जारी है।

## योगी आदित्यनाथ ने लोहिया के भगवान राम, कृष्ण और शिव के बारे में लिखे लेख पर क्या कहा

- Link: https://avatarnews.in/badi-khabrein-yogi-adityanath-starlink-reliance/
- Published: 2026-10-17T10:33:20+00:00
- Author: 

**देश और दुनिया** में राजनीतिक बयानबाजी, विरोध प्रदर्शन, अदालत की कार्रवाई और आर्थिक
प्रतिस्पर्धा से जुड़ी कई खबरें चर्चा​ में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी 
आदित्यनाथ ने डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का उल्लेख करते हुए भगवान राम, भगवान
कृष्ण और भगवान शिव के आदर्शों पर बात की। वहीं, एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक और रिलायंस
इंडस्ट्रीज के बीच भारत में इंटरनेट सेवाओं को लेकर बयानबाजी सामने आई है।

इसके अलावा दिल्ली में छात्र संगठनों के प्रदर्शन, लद्दाख के मुद्दे पर सोनम वांगचुक
की प्रतिक्रिया, पाकिस्तान में पुलिसकर्मियों के अपहरण और राजस्थान के कोटा में सड़क
हादसे की खबरें भी सुर्खियों में हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं प्रमुख खबरें।

## योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम, कृष्ण और शिव के आदर्शों का किया जिक्र

लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह
को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी विचारक
डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, लोहिया ने अपने एक लेख में भगवान शिव, भगवान कृष्ण और भगवान
राम के गुणों के बारे में लिखा था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ये विचार देश के कानूनी
विशेषज्ञों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने बताया कि भगवान शिव के समान एकाग्र और स्थिर मस्तिष्क होना चाहिए। भगवान कृष्ण
के समान हृदय में गरीबों के प्रति संवेदना होनी चाहिए, जबकि भगवान राम के आदर्शों से
वचन की महत्ता समझी जा सकती है।

समारोह में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति
अरुण भंसाली भी शामिल हुए।

## स्टारलिंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच प्रतिस्पर्धा पर बयानबाजी

एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने कहा है कि वह भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने 
के लिए तैयार है। कंपनी का यह बयान रिलायंस इंडस्ट्रीज की उस प्रतिक्रिया के बाद आया,
जिसमें कंपनी ने कहा था कि वह प्रतिस्पर्धा से नहीं डरती।

स्टारलिंक के अनुसार, उसने भारत में नियामकों, उद्योग जगत और ऑपरेटरों के साथ लंबे 
समय तक काम किया है तथा देश में इंटरनेट सेवा के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का नेटवर्क
तैयार किया है।

दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने प्रतिस्पर्धा को ग्राहकों को बेहतर सेवा देने की कसौटी
बताया। इस मुद्दे पर दोनों कंपनियों के बयानों के बाद भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं
की संभावनाओं को लेकर चर्चा बढ़ी है।

## दिल्ली में महिला संगठनों का प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

दिल्ली में कई महिला संगठनों ने पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से जुड़े प्रदर्शनों
के दौरान महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और पुलिस की सख्ती पर सवाल उठाए।

इस मार्च में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेन्स एसोसिएशन, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन विमेन
और ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव विमेन्स एसोसिएशन सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की नेता एनी राजा ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों में 
शामिल महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित अधिकारियों के
खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

इन आरोपों पर संबंधित प्रशासन का पक्ष उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है।

## अजय देवगन के बंगले पर बीएमसी की कार्रवाई

मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता अजय देवगन के बंगले के एक हिस्से पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका
यानी बीएमसी की कार्रवाई की खबर सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, बंगले में निर्माण संबंधी बदलावों के लिए आवश्यक अनुमति नहीं होने
का आरोप था। बीएमसी ने 10 सितंबर 2026 को नोटिस जारी कर काम रोकने या जरूरी अनुमति 
प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्धारित प्रक्रिया के बाद निर्माण के एक हिस्से को हटाया
गया। इस मामले में अभिनेता की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध सामग्री में शामिल 
नहीं है।

## राजस्थान के कोटा में सड़क हादसा, आठ लोगों की मौत

राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक टेम्पो ट्रैवलर अनियंत्रित
होकर नाले में गिर गई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में आठ लोगों की मौत हुई, जबकि
एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।

दुर्घटना सिमलिया के पास सुबह करीब साढ़े छह से सात बजे के बीच हुई। वाहन में सवार 
लोग मध्य प्रदेश के रहने वाले थे।

घायलों को कोटा के जिला अस्पताल और न्यू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। हादसे में
वाहन चालक की भी मौत होने की जानकारी दी गई है।

## पाकिस्तान में 20 पुलिसकर्मियों के अपहरण की खबर

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हथियारबंद लोगों ने 20 पुलिसकर्मियों का अपहरण 
कर लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिसकर्मी कलात से नोशकी जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी 
को रास्ते में रोक लिया गया।

बताया गया है कि ये पुलिसकर्मी कलात पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे थे 
और छुट्टी लेकर निजी वैन से यात्रा कर रहे थे।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, पुलिसकर्मियों की सुरक्षित बरामदगी के प्रयास शुरू किए
गए। घटना की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली थी।

## ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि मामले में जमानती वारंट

दिल्ली की एक अदालत ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ 2018 के मानहानि मामले में जमानती
वारंट जारी किया। रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत में बताया गया था कि नोटिस तामील कराने
की कोशिश के दौरान संबंधित परिसर बंद मिला था।

यह मामला विकास सांकृत्यायन की ओर से दायर शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप
है कि ध्रुव राठी ने एक वीडियो में उनके खिलाफ कथित रूप से झूठे आरोप लगाए थे।

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को निर्धारित थी। अदालत
की ओर से वारंट जारी होना अपने आप में आरोप सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।

## जामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग पर विवाद

जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल
कर रहे छात्रों को परिसर से हटाए जाने का मामला सामने आया।

सीपीआई-एमएल ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को जबरन बाहर निकाला
और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। पार्टी के अनुसार, हिरासत में लिए गए छात्रों को बाद
में रिहा कर दिया गया।

संगठन ने छात्रसंघ बहाल करने और छात्रों के खिलाफ कार्रवाई रोकने की मांग की। कांग्रेस
के छात्र संगठन एनएसयूआई ने भी कार्रवाई की आलोचना की। विश्वविद्यालय प्रशासन का विस्तृत
पक्ष उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है।

## सोनम वांगचुक ने लद्दाख के मुद्दे पर जताई नाराजगी

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख को लेकर चीन के बयान और केंद्र सरकार के 
साथ लद्दाख के नेताओं की बातचीत पर असंतोष जताया।

वांगचुक ने चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग के उस बयान की आलोचना की, जिसमें
चीन ने लद्दाख को भारत का केंद्र शासित प्रदेश मानने से इनकार किया था।

उन्होंने लद्दाख के लोगों से जुड़े राजनीतिक आश्वासनों और लोकतंत्र की बहाली का मुद्दा
भी उठाया। दूसरी ओर, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि
लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है और चीन का कोई दावा इस तथ्य को नहीं बदल सकता।

## अमेरिका के सांसदों ने भारत में प्रदर्शनों पर जताई चिंता

अमेरिका के छह डेमोक्रेटिक सांसदों ने भारत में विरोध प्रदर्शनों के दौरान मानवाधिकारों
के कथित उल्लंघन को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखा।

सांसदों ने आग्रह किया कि भारत यात्रा के दौरान इन मुद्दों को भारतीय अधिकारियों के
साथ उठाया जाए। पत्र में छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित रूप से अत्यधिक बल प्रयोग 
और हिरासत से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया।

इससे पहले अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सांसद प्रमिला जयपाल की
टिप्पणियों की आलोचना करते हुए उन्हें भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया था।

## पाकिस्तान को आईएमएफ और विश्व बैंक बोर्ड की अध्यक्षता मिलने की खबर

पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2027 में देश अंतरराष्ट्रीय
मुद्रा कोष यानी आईएमएफ और विश्व बैंक समूह के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता संभालेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान को 1953 के बाद यह जिम्मेदारी मिलने जा रही है। बैंकॉक
में आयोजित वार्षिक बैठकों के दौरान आगामी अध्यक्ष के नाम की घोषणा किए जाने की जानकारी
दी गई।

इस बैठक में विभिन्न देशों के आर्थिक नीति निर्माता, केंद्रीय बैंक के गवर्नर और कारोबारी
जगत के प्रतिनिधि वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे।

## अनंत सिंह ने अपने बयान पर दी सफाई

बिहार के मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने अपने उस बयान पर सफाई दी, जिसे लेकर
यह चर्चा हुई कि उन्होंने नौ लोगों की हत्या करवाने की बात कही थी।

अनंत सिंह ने दावा किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उनके अनुसार, उन्होंने
कहा था कि उनके नौ लोग मारे गए थे।

उन्होंने पुराने राजनीतिक घटनाक्रम और अपने परिवार को हुए नुकसान का भी उल्लेख किया।
इस बयान को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी रही।

## ध्रुव राठी लंदन पहुंचे

यूट्यूबर ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि वह लंदन पहुंच गए 
हैं। उन्होंने पार्लियामेंट स्क्वेयर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने होने वाले
विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।

रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले भारत में एक प्रस्तावित प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के
दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया था और कुछ घंटे बाद रिहा कर दिया गया था।

## दिल्ली में तिरंगा मार्च और अन्य राजनीतिक घटनाक्रम

दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने अभिजीत दीपके की हिरासत और पुलिस की पाबंदियों के विरोध
में तिरंगा मार्च निकाला। इस दौरान तिरंगा लहराने की स्वतंत्रता को लेकर राजनीतिक बयानबाजी
हुई।

इसी घटनाक्रम से जुड़े प्रदर्शनों में सीजेपी और बीजेपी समर्थकों के आमने-सामने आने
की खबर भी सामने आई। वहीं, सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी
और अदालत में पेशी को लेकर जानकारी दी थी।

इन घटनाओं से दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस
तेज हुई।

## आगे क्या?

योगी आदित्यनाथ के बयान, स्टारलिंक और रिलायंस के बीच प्रतिस्पर्धा, लद्दाख से जुड़े
राजनीतिक सवालों और दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों से संबंधित घटनाक्रम पर आगे भी नजर
बनी रहेगी। वहीं, राजस्थान हादसे और पाकिस्तान में पुलिसकर्मियों के अपहरण जैसे मामलों
में आधिकारिक अपडेट महत्वपूर्ण होंगे।

देश और दुनिया की प्रमुख खबरों के लिए जुड़े रहें **अवतार न्यूज़** के साथ।

**अवतार न्यूज़ — आपके क्षेत्र की खबर, आपकी आवाज़।**

## कॉकरोच जनता पार्टी के बड़े चेहरे गिरफ़्तार, अब आंदोलन में आगे क्या होगा?

- Link: https://avatarnews.in/cjp-leaders-arrested-tiranga-march-andolan/
- Published: 2026-10-17T10:17:03+00:00
- Author: Md Asif Equbal

**⌊दिल्ली में सीजेपी के तिरंगा मार्च और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी खबर⌉⌊दिल्ली में 
सीजेपी के तिरंगा मार्च और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी खबर⌉नई दिल्ली।** कॉकरोच जनता पार्टी(
सीजेपी) के प्रमुख युवा नेताओं की हिरासत और तिरंगा मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई
के बाद आंदोलन के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
के इस्तीफे और विभिन्न मुद्दों पर विरोध कर रहे संगठन के कई प्रमुख चेहरे पुलिस कार्रवाई
के दायरे में आए हैं। इसके बावजूद दिल्ली के कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में बड़ी
संख्या में लोग प्रदर्शन के लिए पहुंचे।

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को 16 अक्टूबर को प्रस्तावित‘
लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले हिरासत में लिया गया। वहीं, संगठन के दो अन्य प्रमुख
चेहरे सौरव दास और आशुतोष रांका पहले से न्यायिक हिरासत में थे। वामपंथी छात्र संगठन
आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक
उन्हें शनिवार तड़के रिहा कर दिया गया।

इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी और पुलिस की
सख्ती से आंदोलन कमजोर होगा या इससे युवाओं के बीच इसे लेकर समर्थन बढ़ सकता है?

तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दीपके हिरासत में

सीजेपी ने शुक्रवार शाम पांच बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा
दो तिरंगा’ कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया था। रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार 
सुबह दिल्ली पुलिस की एक टीम उस स्थान पर पहुंची, जहां अभिजीत दीपके ठहरे हुए थे।

पुलिस ने उन्हें नोटिस देकर मार्च में शामिल नहीं होने को कहा। नोटिस में कहा गया था
कि उन्होंने कनॉट प्लेस में लोगों को जुटाने की अपील की थी, लेकिन कार्यक्रम के लिए
आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब 4 बजकर 50 मिनट पर अभिजीत घर से बाहर निकले 
तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। बाद में उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया। शनिवार
को उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन लाए जाने और विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने
पेश किए जाने की जानकारी सामने आई।

सीजेपी ने दावा किया कि हिरासत के दौरान उन्हें अभिजीत के ठिकाने की जानकारी नहीं दी
जा रही थी और वकीलों से बात करने की अनुमति भी नहीं मिल रही थी। ये संगठन की ओर से 
लगाए गए आरोप हैं।

सौरव दास और आशुतोष रांका तिहाड़ जेल में

सीजेपी के दो अन्य प्रमुख चेहरे सौरव दास और आशुतोष रांका को इससे पहले 13 अक्टूबर 
को जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था।

पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारी निर्धारित रास्ते और सुरक्षा व्यवस्था को पार करते
हुए जंतर-मंतर पहुंचे, वहां तिरंगा फहराया और नारे लगाए। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया
कि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की
की और उनके काम में बाधा डाली।

इस मामले में कनॉट प्लेस और संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में अलग-अलग मामले दर्ज किए जाने
की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है। बाद में सौरव दास और आशुतोष रांका को विशेष कार्यकारी
मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में 
तिहाड़ जेल भेज दिया गया।

दूसरी ओर, सीजेपी का कहना है कि उसके कार्यकर्ता तिरंगा फहराने और ‘भारत माता की जय’
के नारे लगाने के लिए पहुंचे थे। संगठन पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे को पांच हजार रुपये के बॉन्ड पर रिहा
किया गया था। उन पर एक साल तक शांति भंग करने वाली गतिविधियों में शामिल नहीं होने 
की शर्त लगाई गई थी।

पहले भी हिरासत में लिए गए थे सीजेपी के नेता

रिपोर्ट के मुताबिक, अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को 10 अक्टूबर को भी दिल्ली
में प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचने पर हिरासत में लिया गया था।

बताया गया कि तीनों मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना चाहते
थे। दिल्ली पुलिस ने विमान के उतरने के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया था। अगले दिन
कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने उनकी रिहाई का आदेश दिया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सौरव दास और आशुतोष रांका को 50 हजार रुपये के मुचलके और
एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर रिहा किया गया था। पुलिस ने बाद की कार्रवाई
में कथित तौर पर इन शर्तों के उल्लंघन का भी हवाला दिया।

कनॉट प्लेस में जुटे सैकड़ों प्रदर्शनकारी

सीजेपी के प्रमुख युवा नेताओं के हिरासत में होने के बावजूद शुक्रवार को कनॉट प्लेस
और आसपास के इलाकों में सैकड़ों लोग जमा हुए। इनमें कई प्रदर्शनकारियों के हाथों में
तिरंगा था।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान
करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया गया।

इस घटनाक्रम ने आंदोलन की दिशा और उसके नेतृत्व को लेकर बहस तेज कर दी है। एक ओर पुलिस
सार्वजनिक व्यवस्था और अनुमति से जुड़े नियमों का हवाला दे रही है, वहीं प्रदर्शनकारी
अपने विरोध के अधिकार और आंदोलन के मुद्दों को सामने रख रहे हैं।

प्रदर्शन से पहले दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

तिरंगा मार्च को देखते हुए दिल्ली के कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में व्यापक सुरक्षा
व्यवस्था की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 25 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के
जवानों की तैनाती की गई थी।

सेंट्रल पार्क और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के आसपास निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे 
लगाए गए। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत कनॉट प्लेस और आसपास के 
क्षेत्रों में लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया था।

नई दिल्ली नगर पालिका परिषद ने 16 और 17 अक्टूबर के लिए सेंट्रल पार्क बंद कर दिया 
था। आसपास प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए बसें भी खड़ी की गई थीं।

पुलिस का कहना था कि बिना अनुमति बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से यातायात बाधित 
हो सकता है। कनॉट प्लेस एक व्यस्त व्यावसायिक इलाका है और यहां रास्ते सीमित हैं। पुलिस
ने यह भी कहा कि भीड़ के कारण एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हो
सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने कहा था कि प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान
और सीबीडी ग्राउंड जैसे स्थानों का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए भी पूर्व
अनुमति जरूरी होगी।

सरकार और बीजेपी ने क्या कहा?

इस आंदोलन को लेकर बीजेपी नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधा है। रक्षा मंत्री राजनाथ
सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष युवाओं का इस्तेमाल कर अराजकता फैलाने और बांग्लादेश 
जैसे सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहा है।

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी कहा कि विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधार, एसआईआर या युवाओं
के भविष्य के लिए नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अराजकता के जरिए सत्ता हासिल
करना चाहता है।

नितिन नबीन के मुताबिक, लोकतंत्र में सत्ता तक पहुंचने का रास्ता जनादेश से होकर जाता
है, अराजकता से नहीं।

इसके जवाब में अभिजीत दीपके ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछना अराजकता 
नहीं, बल्कि लोकतंत्र की बुनियादी अभिव्यक्ति है। सीजेपी का कहना है कि उसका आंदोलन
महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के रास्ते पर आधारित है।

आंदोलन को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों की राय

वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई का मानना है कि सरकार को इस तरह के आंदोलन को गंभीरता से
देखना चाहिए। उनके अनुसार, किसी राजनीतिक आंदोलन के खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई होने 
पर कभी-कभी आंदोलन को और समर्थन मिल सकता है।

किदवई ने सीजेपी के उभार का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन ने पेपर लीक जैसे मुद्दे 
उठाए और इसके प्रदर्शनों में अलग-अलग वर्गों, विशेषकर युवाओं ने भाग लिया।

वरिष्ठ पत्रकार लव कुमार मिश्रा का भी मानना है कि अत्यधिक सख्ती से आंदोलन को रोकना
मुश्किल हो सकता है। हालांकि, उन्होंने भारत की राजनीतिक स्थिति की तुलना बांग्लादेश
जैसे पड़ोसी देशों से करते हुए कहा कि दोनों देशों के हालात अलग हैं।

राजनीतिक विश्लेषक मनीषा प्रियम ने युवाओं के विरोध और तिरंगा फहराने के अधिकार पर 
सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की भावनाओं को समझना चाहिए और उनके सवालों
का जवाब देना चाहिए।

ये विचार संबंधित विशेषज्ञों के विश्लेषण हैं। आंदोलन का भविष्य किस दिशा में जाएगा,
यह आने वाले घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।

बांग्लादेश और नेपाल के आंदोलनों से तुलना

रिपोर्ट में सीजेपी आंदोलन की तुलना बांग्लादेश और नेपाल में हुए युवा आंदोलनों से 
किए जाने का भी उल्लेख है।

बांग्लादेश में जुलाई 2024 में सरकारी नौकरियों की कोटा व्यवस्था के खिलाफ छात्रों 
का प्रदर्शन शुरू हुआ था। बाद में यह शेख हसीना सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन में बदल
गया और 5 अगस्त 2024 को हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा।

नेपाल में सितंबर 2025 में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर पाबंदी के खिलाफ युवाओं का
आंदोलन हुआ था। हिंसक प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे
दिया और अंतरिम सरकार बनी।

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की राजनीतिक परिस्थितियां इन देशों से अलग 
हैं। इसलिए इन घटनाओं के आधार पर भारत में आंदोलन के परिणाम का निश्चित अनुमान लगाना
उचित नहीं होगा।

पिछली कार्रवाई को लेकर पुलिस और सीजेपी के अलग-अलग दावे

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा था कि
10 और 11 अक्टूबर की कार्रवाई खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई थी। पुलिस का दावा था
कि इन कदमों से दिल्ली में कानून-व्यवस्था का बड़ा संकट टल गया।

पुलिस ने कहा था कि आम प्रदर्शनकारियों को अस्थायी केंद्रों में रखा गया और कुछ घंटों
के भीतर छोड़ दिया गया। वहीं, सीजेपी ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों, खासकर महिलाओं के
साथ मारपीट करने का आरोप लगाया था।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उस कार्रवाई के दौरान कई ट्रेनें रद्द हुईं, मेट्रो स्टेशन
बंद रहे और कुछ क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगाया गया था। इन व्यवस्थाओं
और उनके कारणों को लेकर पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के दावे अलग-अलग रहे हैं।

अब आंदोलन का आगे क्या होगा?

सीजेपी के प्रमुख नेताओं की हिरासत के बाद सबसे बड़ा सवाल संगठन के नेतृत्व और आगे 
की रणनीति को लेकर है। क्या संगठन नए नेतृत्व के साथ प्रदर्शन जारी रखेगा, क्या आंदोलन
का स्वरूप बदलेगा या फिर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का रास्ता निकलेगा—
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं।

विशेषज्ञों के विचारों के अनुसार, आंदोलन पर सख्ती का असर हमेशा एक जैसा नहीं होता।
कुछ परिस्थितियों में इससे प्रदर्शन कमजोर पड़ सकता है, जबकि कुछ मामलों में विरोध 
और तेज हो सकता है।

फिलहाल, आंदोलन की दिशा उसके नेतृत्व, युवाओं की भागीदारी, सरकार की प्रतिक्रिया और
कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

**अवतार न्यूज़ पर बने रहें। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों और राजनीतिक घटनाक्रम 
की अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट पढ़ते रहें।**

**अवतार न्यूज़ — आपके क्षेत्र की खबर, आपकी आवाज़।**

## दिल्ली में CJP के तिरंगा मार्च के दौरान CRPF महिला जवान से बदसलूकी का आरोप, थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल

- Link: https://avatarnews.in/cjp-tiranga-march-crpf-woman-constable-video/
- Published: 2026-10-17T10:14:54+00:00
- Author: 

&nbsp;​नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के दौरान सुरक्षाबलों के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो जारी किया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने ड्यूटी पर तैनात CRPF की एक महिला जवान के साथ अभद्र व्यवहार किया और उसे थप्पड़ मारा। घटना के बाद प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 6 के पास एक महिला ने कथित तौर पर खुद को यूट्यूबर बताते हुए CRPF जवान के साथ बदसलूकी की। हालांकि, उपलब्ध खबर में महिला की पहचान और पुलिस की जांच के अंतिम नतीजे की जानकारी नहीं दी गई है। क्या है ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का पूरा मामला? CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पार्टी के सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का आह्वान किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर प्रवेश करने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया था। इस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में पहले से ही राजनीतिक तनाव बना हुआ था। CJP और विपक्षी दलों की ओर से SIR प्रक्रिया वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। मार्च से पहले पुलिस की कार्रवाई प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और AISA प्रमुख नेहा बोरा को हिरासत में लिया था। पुलिस का दावा है कि अभिजीत दीपके को सेंट्रल पार्क नहीं जाने के संबंध में दो नोटिस दिए गए थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उन्होंने 50 हजार रुपये का शांति बनाए रखने संबंधी बॉन्ड भरा था और पुलिस के अनुसार, उसका उल्लंघन हुआ। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के विरोध के बीच पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ऐसे में घटना से जुड़े आरोपों और कार्रवाई की पुष्टि जांच तथा आधिकारिक जानकारी के आधार पर की जानी जरूरी है। पुलिस ने जारी किया वीडियो, जांच की बात दिल्ली पुलिस की ओर से जारी किए गए वीडियो को लेकर दावा किया गया है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग मोबाइल कैमरे और माइक लेकर सुरक्षाकर्मियों के पास पहुंचे और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसी दौरान CRPF की महिला जवान के साथ कथित तौर पर मारपीट और बदसलूकी हुई। पुलिस अब घटना से संबंधित अलग-अलग कैमरों के फुटेज की जांच कर रही है, ताकि इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा सके। रिपोर्ट में संभावित आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा; मामले में जांच और संबंधित पक्षों का बयान महत्वपूर्ण रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन पर उठे सवाल कनॉट प्लेस और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के आसपास हुए इस घटनाक्रम ने सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। एक ओर पुलिस सुरक्षाकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को गंभीर मामला बता रही है, वहीं प्रदर्शन से जुड़े विवाद का राजनीतिक संदर्भ भी चर्चा में है। सार्वजनिक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सुरक्षाकर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। साथ ही, किसी घटना में शामिल लोगों की पहचान और जिम्मेदारी तय करने के लिए निष्पक्ष जांच भी जरूरी है। अब आगे क्या? फिलहाल इस मामले में पुलिस द्वारा जारी वीडियो और कथित घटना की जांच अहम मानी जा रही है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि महिला जवान के साथ हुई घटना में कौन-कौन शामिल था और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। मामले में पुलिस का विस्तृत आधिकारिक बयान और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। अवतार न्यूज़ की अपील: वायरल वीडियो या अधूरी जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी न मानें। मामले से जुड़ी पुष्टि की गई जानकारी और आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें।

## बाढ़ में सड़क हादसे में बाल-बाल बचे लोजपा (आर) जिलाध्यक्ष सुबोध पासवान, वाहन क्षतिग्रस्त

- Link: https://avatarnews.in/subodh-paswan-road-accident-barh-bhagalpur/
- Published: 2026-10-17T09:23:29+00:00
- Author: Md Asif Equbal

# ⌊सुबोध पासवान सड़क हादसा.webp⌉⌊सुबोध पासवान सड़क हादसा.webp⌉**​मंत्री संजय पासवान ने रात में दो बार फोन कर जाना हालचाल, घटनास्थल पर भिजवाई मदद**

**भागलपुर/सन्हौला।** लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के भागलपुर जिलाध्यक्ष सुबोध पासवान
पटना जिले के बाढ़ के पास सड़क हादसे में बाल-बाल बच गए। दुर्घटना में उनकी गाड़ी बुरी
तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि वाहन में सवार उनके तीन अन्य साथी भी सुरक्षित बच गए। 
हादसे में सभी को हल्की चोटें आने की जानकारी दी गई है। सभी के सुरक्षित रहने से बड़ी
राहत मिली है।

सुबोध पासवान ने बताया कि वह रात में पटना से भागलपुर लौट रहे थे। इसी दौरान बाढ़ के
पास हाईवे पर अचानक एक जानवर सड़क पर आ गया। उसे बचाने की कोशिश के बीच उनकी गाड़ी 
की जोरदार टक्कर हो गई। दुर्घटना इतनी तेज थी कि वाहन को काफी नुकसान पहुंचा। हालांकि,
गाड़ी में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए।

## मंत्री संजय पासवान ने दो बार फोन कर जाना हालचाल

हादसे की जानकारी मिलने के बाद बिहार सरका​र के मंत्री संजय पासवान ने रात में दो बार
फोन कर सुबोध पासवान का हालचाल जाना। उन्होंने दुर्घटना के संबंध में जानकारी ली और
तत्काल घटनास्थल पर लोगों को भेजकर सहायता उपलब्ध कराई।

सुबोध पासवान ने कहा कि दुर्घटना के बाद मंत्री की तत्परता और सहयोग से उन्हें काफी
राहत मिली। संकट की घड़ी में फोन कर हालचाल लेने और घटनास्थल पर मदद पहुंचाने के लिए
उन्होंने मंत्री संजय पासवान के प्रति आभार व्यक्त किया।

## सहयोगियों के प्रति जताया आभार

सुबोध पासवान ने पटना पूर्वी के जिलाध्यक्ष रंजीत यादव सहित घटनास्थल पर पहुंचकर मदद
करने वाले सभी सहयोगियों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस हादसे में उनके और
उनके साथियों के सुरक्षित रहने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने सभी के सुरक्षित बचने को माता रानी की कृपा बताते हुए मुश्किल समय में साथ
देने वाले लोगों के प्रति कृतज्ञता जताई।

**हादसे के बाद राहत:** वाहन को भारी नुकसान पहुंचने के बावजूद सभी लोगों के सुरक्षित
बचने से परिजनों और शुभचिंतकों ने राहत की सांस ली। दुर्घटना के बाद मिले सहयोग को 
लेकर सुबोध पासवान ने सभी मददगारों का आभार जताया।

**✍️ रिपोर्टर****: रूपेश कुमार राज / सन्हौला**

## मिर्धाचक विद्यालय में नवदुर्गा की झांकी, छात्राओं ने दिया नारी सशक्तिकरण का संदेश

- Link: https://avatarnews.in/navdurga-jhanki-nari-sashaktikaran-mirdhachak-school/
- Published: 2026-10-17T09:11:06+00:00
- Author: Md Asif Equbal

&nbsp;मिर्धाचक आदिवासी टोला के विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन, दहेज प्रथा, बाल विवाह और नशाखोरी के उन्मूलन का आह्वान सन्हौला/भागलपुर। दुर्गापूजा के अवसर पर प्राथमिक विद्यालय मिर्धाचक आदिवासी टोला में शुक्रवार को छात्राओं ने नवदुर्गा की आकर्षक झांकी प्रस्तुत कर नारी सशक्तिकरण और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन का प्रेरक संदेश दिया। प्रधान शिक्षक अर्जुन केशरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने विद्यालय परिसर को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में नवदुर्गा के विभिन्न स्वरूपों में सजी छात्राओं ने नृत्य और झांकी के माध्यम से शक्ति, साहस, शिक्षा, ज्ञान, आत्मसम्मान और सामाजिक परिवर्तन का संदेश दिया। इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में महिलाओं की भूमिका, अधिकारों और सम्मान के महत्व को भी रेखांकित किया। नवदुर्गा के स्वरूपों में छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुति सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान ब्यूटी, रेशमी, प्रियंका, लाखो, रबीना, गुंजा सहित अन्य छात्राओं ने नवदुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का अभिनय किया। आकर्षक वेशभूषा और मनमोहक नृत्य के माध्यम से छात्राओं ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। प्रस्तुति के जरिए शिक्षा, शक्ति, साहस, आत्मरक्षा, कला, चेतना, ज्ञान, परिवर्तन, वैभव, त्याग, करुणा और आत्मसम्मान जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों को सामने रखा गया। छात्राओं ने यह संदेश दिया कि नारी केवल शक्ति और भक्ति का प्रतीक ही नहीं, बल्कि समाज के निर्माण और बदलाव की भी महत्वपूर्ण आधारशिला है। दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ संदेश कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त कुरीतियों के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। छात्राओं की प्रस्तुति के माध्यम से दहेज प्रथा, बाल विवाह, जातिवाद, घरेलू हिंसा, अंधविश्वास और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा को सामाजिक बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए लोगों को जागरूक बनने का संदेश दिया गया। इस दौरान यह विचार सामने रखा गया कि शिक्षित समाज ही महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों से प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकता है। प्रधान शिक्षक बोले—बच्चों में विकसित होती है सामाजिक चेतना प्रधान शिक्षक अर्जुन केशरी ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास और रचनात्मकता विकसित करने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक चेतना से भी जोड़ते हैं। ऐसे आयोजन बच्चों को समानता, सम्मान और मानवीय मूल्यों की समझ देते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना जरूरी है, ताकि बच्चे अपनी प्रतिभा को पहचान सकें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझ सकें। नवदुर्गा की झांकी के माध्यम से बच्चों और समाज को नारी सशक्तिकरण तथा सकारात्मक सामाजिक बदलाव का प्रेरक संदेश दिया गया। कार्यक्रम का संचालन विशिष्ट शिक्षक इन्द्रजीत पासवान ने किया। इस अवसर पर शिक्षक रंजीत कुमार के साथ दर्जनों अभिभावक और विद्यालय के सभी बच्चे उपस्थित रहे। आस्था के साथ सामाजिक बदलाव की पहल प्राथमिक विद्यालय मिर्धाचक आदिवासी टोला में आयोजित यह कार्यक्रम दुर्गापूजा के उत्सवी माहौल में शिक्षा, महिला सम्मान और सामाजिक जागरूकता का संदेश देने वाला आयोजन बना। छात्राओं की प्रस्तुतियों ने यह प्रेरणा दी कि समाज में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत बच्चों को जागरूक बनाने और उन्हें समानता एवं सम्मान के संस्कार देने से होती है। ✍️ रिपोर्टर​: रूपेश कुमार राज / सन्हौला

## बसंतराय के सहुड़ा गांव से चार बच्चे लापता, सुबह योग के लिए निकले थे घर से

- Link: https://avatarnews.in/basantarai-sahuda-four-children-missing/
- Published: 2026-10-17T07:02:20+00:00
- Author: Md Asif Equbal

​बसंतराय। गोड्डा जिले के बसंतराय थाना क्षेत्र अंतर्गत धपरा पंचायत के सहुड़ा गांव से एक साथ चार बच्चों के लापता होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि चारों बच्चे शनिवार की सुबह योग करने के लिए घर से निकले थे, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी वे वापस घर नहीं लौटे। बच्चों के निर्धारित समय पर घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। परिवार के लोगों और स्थानीय ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में बच्चों को खोजने का प्रयास किया, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी चारों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। इसके बाद स्थानीय प्रशासन को मामले की सूचना दी गई है। लापता बच्चों की पहचान मोहम्मद मुजम्मिल, उम्र करीब 10 वर्ष, पिता नसीम अख्तर; मोहम्मद मनोवर, उम्र करीब 7 वर्ष, पिता मोहम्मद मिन्सार; मोहम्मद मुनावर आलम, उम्र करीब 7 वर्ष, पिता मोहम्मद मुन्ना आलम; और मोहम्मद मशूद आलम, उम्र करीब 9 वर्ष, पिता मोहम्मद मुन्ना आलम के रूप में बताई जा रही है। परिजनों के मुताबिक, चारों बच्चे सुबह योग करने के लिए निकले थे और उसके बाद वापस घर नहीं लौटे। बच्चों के अचानक लापता होने से परिवार में चिंता का माहौल है। वहीं स्थानीय लोग भी बच्चों की तलाश में जुटे हुए हैं। मामले की सूचना स्थानीय प्रशासन को दिए जाने की बात सामने आई है। प्रशासनिक टीम के मौके पर पहुंचने के बाद आसपास के क्षेत्र में जांच और बच्चों की तलाश को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चारों बच्चे किस दिशा में गए और किन परिस्थितियों में लापता हुए। इस संबंध में प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों और ग्रामीणों की अपील है कि यदि किसी व्यक्ति को इन चारों बच्चों के बारे में कोई जानकारी मिलती है या बच्चे कहीं दिखाई देते हैं, तो तत्काल उनके परिजनों अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें, ताकि बच्चों को सुरक्षित घर वापस लाया जा सके। लापता बच्चों के संबंध में प्रशासन या परिजनों की ओर से जैसे ही कोई आधिकारिक जानकारी सामने आती है, इस खबर को अपडेट किया जाएगा।
